12 June 2026

परिषदीय स्कूलों में लगेंगे नए अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और स्मार्ट क्लास सुरक्षा पर भी जोर

परिषदीय स्कूलों में लगेंगे नए अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और स्मार्ट क्लास सुरक्षा पर भी जोर

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा और विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य शुरू किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों को मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट से अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं।

पुराने अग्निशमन यंत्रों की होगी रिफिलिंग

जिन विद्यालयों में पहले से अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं, वहां उनके सिलेंडरों की रिफिलिंग कराई जाएगी। वहीं जिन स्कूलों में अग्निशमन यंत्र खराब हो चुके हैं या उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए अग्निशमन यंत्र लगाए जाएंगे।

विभाग ने विद्यालयों में आग जैसी किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

226 करोड़ रुपये की कंपोजिट ग्रांट जारी

विद्यालयों की मरम्मत, आवश्यक सामग्री खरीद और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों को 226 करोड़ रुपये की कंपोजिट ग्रांट उपलब्ध कराई गई है।

इस धनराशि का उपयोग विद्यालयों की जरूरतों के अनुसार विभिन्न कार्यों में किया जाएगा।

फर्स्ट एड बॉक्स रखना होगा अनिवार्य

सभी विद्यालयों में First Aid Box अनिवार्य रूप से रखा जाएगा। इसमें निम्न आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी—

  • ORS Powder

  • थर्मामीटर

  • प्राथमिक दवाएं

  • मरहम-पट्टी

  • अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है।

खराब पंखे और LED ट्यूबलाइट बदले जाएंगे

विद्यालयों में खराब पड़े—

  • पंखे

  • LED ट्यूबलाइट

  • बिजली संबंधी उपकरण

को बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विद्यालय भवनों की रंगाई-पुताई और अन्य मरम्मत कार्य भी कराए जाएंगे।

स्मार्ट क्लास और ICT लैब की सुरक्षा होगी मजबूत

विद्यालयों में स्थापित Smart Class और ICT Labs की सुरक्षा के लिए मजबूत लोहे की ग्रिल, सुरक्षित खिड़कियां, दरवाजे और इंटरलॉक सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि महंगे उपकरण सुरक्षित रह सकें।

फर्श खराब होने पर लगेंगी टाइल्स

जहां विद्यालयों का फर्श खराब हो चुका है, वहां Tiles Flooring का कार्य कराया जाएगा। इससे विद्यालय परिसर अधिक सुरक्षित और आकर्षक बनेगा।

छात्र संख्या के आधार पर मिलेगी ग्रांट

स्कूली शिक्षा महानिदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विद्यालयों को छात्र संख्या के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। इसी आधार पर कंपोजिट ग्रांट का आवंटन किया जाएगा ताकि विद्यालय अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर तरीके से विकास कार्य करा सकें।

शैक्षिक सामग्री की खरीद भी होगी

प्रधानाध्यापकों को पूरे वर्ष के लिए आवश्यक Teaching Learning Material (TLM) और अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

विद्यालयों में सुरक्षा और सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

नई व्यवस्था से परिषदीय विद्यालयों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, आधारभूत सुविधाओं में सुधार लाने और छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों की गुणवत्ता और आकर्षण दोनों में वृद्धि होगी।