03 June 2026

पंचायत चुनाव तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने को चुनौती

, लखनऊ : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश में वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही पंचायत चुनाव होने व नए प्रधान चुने जाने तक प्रशासक नियुक्त करने संबंधी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से कहा है कि वह याचिका पर सरकार से समुचित दिशा-निर्देश प्राप्त करके उसे तीन जून को अवगत कराएं। यह आदेश जस्टिस शेखर बी सराफ एवं जस्टिस ए के चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता एवं प्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर पारित किया है।

उप्र पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 (3) क के तहत दी गई चुनौती

याचिका में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबंधी राज्य सरकार के गत 25 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि उप्र पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 (3) क के तहत प्रधानों का कार्यकाल उनके शपथ लेने की तिथि से केवल पांच साल तक का ही हो सकता है, किंतु सरकार ने समय पर पंचायत चुनाव न कराकर मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त करके एक प्रकार से उनका कार्यकाल अनिश्चितकाल तक बढ़ा दिया है जो कि विधि विरुद्ध है।