03 June 2026

सिपाही भर्ती परीक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने के निर्देश

 

सिपाही भर्ती परीक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने के निर्देश

8 से 10 जून तक होगी 32,679 पदों के लिए लिखित परीक्षा, सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी के आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर 32,679 सिपाही पदों की सीधी भर्ती के लिए 8 से 10 जून तक आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को लेकर शासन और भर्ती बोर्ड ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह (एस.पी. गोयल) तथा डीजीपी राजीव कृष्ण ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के लिए कहा गया है।

मुख्य सचिव ने परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि सभी स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय रहें तथा भर्ती बोर्ड द्वारा लाइव फीड के माध्यम से लगातार निगरानी की जाए।

अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, जैसे पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग या अन्य अनियमितताओं की सूचना देने की अपील की है।

बोर्ड के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी ई-मेल satarkta.policeboard@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9454457951 पर साझा की जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

सभी परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी

निर्देशों के अनुसार निर्धारित श्रृंखला की गोपनीय सामग्री समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने, केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों का सत्यापन करने तथा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बोर्ड द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।

राज्य और जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी की जाएगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की सफलता सतर्कता, अनुशासन और पारदर्शिता पर निर्भर करती है, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

परीक्षा को नकलमुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।