UpdateMarts
Follow Channel

03 June 2026

शिक्षा मंत्री बोलीं- अपने पहनावे पर ध्यान दें महिला शिक्षक, पता ही नहीं चलता कौन छात्र है और कौन शिक्षक


माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि शिक्षक अपने आचरण से छात्रों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि अभिभावक 10वीं के बाद बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें।



उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि शिक्षकों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होती है। अभिभावक उन्हें अपना बच्चा सौंपते हैं। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षक अपने व्यवहार और पोशाक पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि छात्र उनका सम्मान करें। शिक्षक खुद भी अनुशासित हों जिससे कि छात्र उनका अनुसरण कर सकें। महिला शिक्षक अपने पहनावे पर भी खास ध्यान दें क्योंकि अब कई बार तो पता ही नहीं चलता है कि कौन छात्र है और कौन शिक्षक? शिक्षकों को हमेशा ही अपने आचरण से विद्यार्थियों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए


माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अमर उजाला के मेधावी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के माहौल बदला है अब नकल विहीन परीक्षा होती है पर पहले ऐसा संभव नहीं था। उन्होंने मेधावियों को जीवन में अनुशासित रहने और खूब परिश्रम करने की सलाह दी।


उन्होंने कहा कि जो लोग अनुशासित होते हैं वो व्यवस्थित होते हैं। ठीक समय से उठते हैं। ठीक से खाना खाते हैं और स्वस्थ रहते हैं और जो स्वस्थ होते हैं वो जीवन में खूब तरक्की करते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम से बड़ी से बड़ी चुनौतियों से भी पार पाया जा सकता है। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जिसे कठिन पश्रिम और अनुशासन से हासिल न किया जा सके।



'बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें'


उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों से भी अपील की है कि 10वीं कक्षा के बाद अभिभावक बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें जिससे कि वो अपनी हर बात आपको बता सकें। मोबाइल का उतना ही प्रयोग करें जितना की जरूरी है। बच्चों को मोबाइल देकर व्यस्त न करें बल्कि उनके साथ बात करें। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के अलावा, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह और अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा भी शामिल हुए