शासन ने जारी किया निर्देश, संवर्ग में 20 फीसदी से अधिक नहीं किए जाएंगे तबादले
लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले को शासन ने हरी झंडी दे दी है। इसके तहत जून में पहले सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। बाद में सामान्य तबादले होंगे। संवर्ग की संख्या के 20 फीसदी तक तबादले किए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह ने निर्देश जारी किया। कहा, राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में पहले चरण में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसमें कार्यरत विद्यालय में बाद में कार्यभार संभालने वाले को पहले सरप्लस माना जाएगा। वहीं, सेना से जुड़े लोगों के पति-पत्नी, कैंसर आदि गंभीर बीमारी से ग्रस्त, जिनकी आयु 30 जून को 58 साल पूरी हो रही है, राष्ट्रीय-राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को इसमें यथासंभव शामिल नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि इसकी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दूसरे चरण में चार श्रेणी के शिक्षकों को निर्धारित मानक पर तबादला दिया जाएगा। इसमें सेना से जुड़े लोगों के पति-पत्नी, कैंसर आदि गंभीर बीमारी से ग्रस्त, जिनकी आयु 30 जून को 58 साल पूरी हो रही है, यदि पति-पत्नी दोनों शासकीय सेवा में अलग-अलग जिले में तैनात हैं। तीसरे चरण में शेष शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।
सचिव ने कहा है कि संवर्ग की संख्या के 20 प्रतिशत सीमा तक तबादले होंगे। इसे बढ़ाने का अधिकार विभागीय मंत्री के पास होगा। आवेदन से लेकर तबादला प्रक्रिया जून में ही पूरी की जाएगी। ताकि विद्यालय खुलने से पहले शिक्षकों की तैनाती हो सके। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी शिक्षक को उसकी मूल तैनाती के स्थान से अलग संबद्ध नहीं किया जाएगा। किसी भी विद्यालय में मानक से अधिक शिक्षक तैनात नहीं किए जाएंगे। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को इसे पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
सरप्लस शिक्षकों के लिए मानक
■ खुद के दिव्यांग होने पर 10 से 20 नंबर
■ पत्नी-पति, बच्चे के दिव्यांग होने पर 10 नंबर
■ राष्ट्रीय-राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक होने पर 10 नंबर
■ विधवा-तलाकशुदा महिला शिक्षिका को 10 नंबर
■ आश्रित बच्चों की देखभाल वाले पुरुष शिक्षकों को 10 नंबर
■ महिला शिक्षिका होने पर 10 नंबर
■ जोन 3 में तैनात शिक्षक को अधिकतम 10 नंबर
■ जोन 2 में तैनात शिक्षक को अधिकतम 10 नंबर
■ शिक्षक की आयु के अनुसार हर साल के लिए एक नंबर

