सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने पर शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे। नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा को रोजगारपरक बनाया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। कहा कि केंद्र सरकार ने जो नई शिक्षा नीति लागू की है, उसमें कई खामियां हैं।
विजन इंडिया की ओर से सोमवार को सिविल लाइंस के एक होटल में आयोजित सेमिनार में भाग लेने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बनने पर केजी से पीजी तक बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, सरकारी स्कूलों में सभी वर्ग के बच्चों को इंटरमीडिएट तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।अखिलेश यादव ने नाविकों को मुफ्त या रियायती दरों पर नाव देने और उनके परिवार के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
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गंगा सफाई के सवाल पर सपा प्रमुख ने एक बार फिर सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘गंगा साफ नहीं हुई, लेकिन बजट साफ हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट काम नहीं कर रहे हैं। गंगा को प्रदूषण से मुक्त करना है तो पहले यमुना और गोमती नदियों को साफ करना होगा।
निजी क्षेत्र की शिक्षा में भी लागू होना चाहिए आरक्षण
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सपा प्रमुख ने कहा कि निजी क्षेत्र की शिक्षा में भी आरक्षण लागू करना चाहिए। सरकार बनने पर शिक्षा में समानता के लिए प्राइवेट स्कूलों में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जाएगा। शिक्षा के साथ कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा और 25 लाख लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि हाईटेक व्यवस्था से पेपर लीक रोका जा सकता है। हमारी सरकार बनी तो परीक्षाओं को पारदर्शी बनाएंगे। परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जाएगा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

