वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों 8 जुलाई को काशी से प्रदेश भर के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को एक 5 लाख रुपये तक के निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी इस योजना का शुभारंभ करेंगे। चांदमारी स्थित अंतरराष्ट्रीय हस्त कला संकुल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री काशी के 10 बेसिक व 10 माध्यमिक शिक्षकों को डमी कैशलेस चिकित्सा कार्ड सौपेंगे। साथ ही पूर्व में हुए विद्यालयों के स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 12 प्रधानाचार्यों को मंच से सम्मानित किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक हेमंत राव ने बताया कि वाराणसी मंडल के 7,417 पात्र कर्मचारियों को सीधे तौर पर इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा लाभ दिया जाएगा। इसमें नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी शामिल कर सरकार ने सबको सामाजिक एवं समान सुरक्षा की गारंटी दी है। इनके अलावा माध्यमिक के भी 10 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा का लाभ मिलेगा। इसके लिए सोमवार को तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इसमें वाराणसी समेत मंडल के कई शिक्षक मौजूद होंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल नियमित शिक्षक ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को संभालने वाले हर कर्मचारी का ध्यान रखा गया है। मंडल भर के 22,708 रसोइयों, 8,559 शिक्षामित्रों, 1,904 अनुदेशकों, 811 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के स्टाफ तथा 210 स्पेशल एजुकेटर्स को भी इस योजना का पात्र बनाया गया है।
जिलेवार लाभार्थियों का विवरण
चार जिलों में कुल लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है:
| जिला | विद्यालय | शिक्षक | शिक्षामित्र | अनुदेशक | रसोइया | केजीबीवी स्टाफ | स्पेशल एजुकेटर |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वाराणसी | 1,145 | 6,580 | 1,538 | 348 | 3,802 | 135 | 41 |
| गाजीपुर | 2,280 | 8,242 | 2,471 | 370 | 6,675 | 198 | 64 |
| जौनपुर | 2,807 | 12,229 | 3,100 | 674 | 8,326 | 347 | 81 |
| चंदौली | 1,185 | 4,999 | 1,450 | 512 | 3,905 | 131 | 24 |
| कुल | 7,417 | 32,050 | 8,559 | 1,904 | 22,708 | 811 | 210 |
मिर्जापुर : सीएम की सुरक्षा में पहली बार इंफ्रारेड स्कैनिंग ड्रोन, रात में भी जंगल और पहाड़ियों पर रहेगी पैनी
मिर्जापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित विंध्याचल दौरे में इस बार सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाया जा रहा है। पहली बार जिले में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में इंफ्रारेड स्कैनिंग ड्रोन कैमरा तैनात किया जा रहा है। यह ड्रोन विंध्याचल धाम, अष्टभुजा, कालीखोह और आसपास के पहाड़ी व वन क्षेत्र के साथ गंगा किनारे भी निगरानी करेगा। इसकी खासियत यह है कि अंधेरे में भी संदिग्ध गतिविधियों और छिपे हुए लोगों की पहचान करने में सक्षम है। दौरे से पहले इंफ्रारेड स्कैनिंग ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। आठ जुलाई को मुख्यमंत्री के मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन और अष्टभुजा डाक बंगले में प्रस्तावित समीक्षा बैठक को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ अत्याधुनिक तकनीक को भी शामिल किया गया है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक सिटी नितेश सिंह ने बताया कि इंफ्रारेड स्कैनिंग ड्रोन कैमरा थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस है। यह मानव शरीर से निकलने वाली ऊष्मा (हीट सिग्नेचर) के आधार पर अंधेरे, झाड़ियों, पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों में मौजूद व्यक्तियों की भी पहचान कर सकता है।

