07 July 2026

नगर निगम के स्कूलों में अब देनी होगी फीस

 

नगर निगम के स्कूलों में अब देनी होगी फीस

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। नगर निगम के स्कूलों में अब गरीब बच्चे मुफ्त पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। पढ़ने के लिए उन्हें हर महीने 100 से लेकर 500 रुपए तक फीस चुकानी होगी। अमीनाबाद इंटर कालेज में अब लड़कियों की भी पढ़ाई होगी। वहीं जुलाई महीने में आन लाइन व आफ लाइन हाउस टैक्स व यूजर चार्ज जमा करने वालों को पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। साथ ही जोमैटो, स्विगी व ब्लिंकिट जैसी वेयर हाउस वाली सभी कम्पनियों को अपने व्यवाय के संचालन के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा। यह महत्वपूर्ण फैसला सोमवार महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। बैठक नगर निगम के कूड़ा निस्तारण प्लाण्ट शिवरी में हुई।


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नगर निगम के स्कूलों में अमूमन आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे पढ़ते हैं। अभी तक उन्हें नगर निगम मु़फ्त पढ़ने का मौका दे रहा था। लेकिन अब नर्सरी से इण्टर तक सभी बच्चों को हर महीने फीस जमा करनी होगी। लड़कियों को फीस में 50 प्रतिशत की रियायत रहेगी। कार्यकारिणी बैठक के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल तथा नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि अमीनाबाद इण्टर कालेज, माॅडल माण्टेसरी इण्टर कालेज घसियारी मण्डी तथा कश्मीरी मोहल्ला इण्टर कालेज में पढ़ने वाले नर्सरी से प्राइमरी तक के बच्चों को 100 रुपए महीने फीस जमा करनी होगी। कक्षा छह से लेकर 12 वीं तक के छात्रों को हर महीने 250 रुपए फीस देनी होगी। इसके अलावा चिल्ड्रेन पैलेस माल एवेन्यू में पढ़ने वाले बच्चों को अब 250 रुपए की जगह 500 रुपये महीने फीस देनी होगी। नगर आयुक्त ने कहा कि स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा किया गया है। इसी वजह से फीस लगायी व बढ़ाई गई है।


लखनऊ। नगर निगम अब एलडीए के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बनी दुकानों, फूड वैली, चटोरी गली, लोहिया व जनेश्वर मिश्र पार्क में बनी दुकानों से व्यावसायिक टैक्स वसूलेगा। इन दुकानों को लाइसेंस भी लेना होगा। अब तक निगम ऐसे उपयोग वसूली नहीं करता था। वहीं कॉलोनियों के हस्तांतरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब एलडीए व आवास विकास की कोई भी कॉलोनी नगर निगम को तभी हस्तांतरित की जाएगी, जब उससे जुड़ी सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूरी तरह नगर निगम को सौंपी जाएगी। कहा जा रहा है कि एलडीए की ओर से नगर निगम द्वारा सड़क पर बनायी जा रही दुकानों का निर्माण रुकवाने की वजह से मेयर नाराज हैं। इसी वजह से टैक्स लगाने का फैसला किया। उधर एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कहा कि दुकानों को टैक्स देने में कोई दिक्कत नहीं है।