07 July 2026

नीट- पीजी की परीक्षा के पैटर्न में फेरबदल



देहरादून। चिकित्सा के क्षेत्र में एमबीबीएस के बाद पीजी करने के इच्छुक युवा डॉक्टरों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। इस साल से नीट पीजी परीक्षा के पैटर्न एवं नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।

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नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज की ओर से शेड्यूल के साथ पैटर्न एवं नियमों की जानकारी जारी कर दी है। 30 अगस्त को कम्प्यूटर बेस्ड मोड में होने वाली परीक्षा में अब छात्रों को 200 के बजाय केवल 180 सवालों के जवाब देने होंगे।



आवेदन प्रक्रिया 21 जुलाई तक : परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह 21 जुलाई तक चलेगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थी के पास नेशनल मेडिकल कमीशन से मान्यता प्राप्त एमबीबीएस डिग्री या प्रोविजनल पास सर्टिफिकेट होना चाहिए। उसने इंटर्नशिप पूरी कर ली हो या 30 सितंबर तक पूरी होने की संभावना हो। पिछले वर्षों में देश में कई पेपर लीक, परीक्षा सेंटर में गड़बड़ियों और परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी बैठाए जाने के मामले सामने आने के बाद नियमों में सख्ती की गई है।


पहले आओ-पहले पाओ नियम खत्म : पहले छात्र अपनी पसंद का परीक्षा शहर (सेंटर) पाने के लिए शुरुआत में ही आवेदन कर देते थे। अब आवेदन की तारीख से सेंटर आवंटन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कम्प्यूटर के जरिए रैंडम तरीके से परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएंगे। परीक्षा में प्रश्नों की संख्या 200 से घटाकर 180 कर दी गई है। पूरे पेपर को पांच सेक्शन में बांटा जाएगा। इसमें प्रत्येक सेक्शन में 36 सवाल होंगे और हर सेक्शन के लिए 42 मिनट का समय मिलेगा।


आधार आधारित बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन और डिजिटल फेस रिकॉग्निशन को बेहद सख्त किया गया है। अभ्यर्थी उंगलियों पर मेहंदी, स्याही या पेंट नहीं लगा सकते। फिंगर प्रिंट मैच न होने पर आइरिस (आंखों) के स्कैन से पहचान की जाएगी।


तीन राज्यों का ही विकल्प और एड्रेस प्रूफ अनिवार्य : अभ्यर्थियों को पहला परीक्षा राज्य वही चुनना होगा, जहां का उनका स्थायी पता है। बाकी दो विकल्प पड़ोसी राज्यों के देने होंगे। स्थायी पते का वैध प्रमाण अपलोड करना अनिवार्य होगा।