लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने भारत सरकार की नई इंटीग्रेटेड स्कीम इन स्किलिंग आर्किटेक्चर (आईएसएसए) के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को विभागों के बेहतर समन्वय, उद्योगों की सक्रिय भागीदारी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के साथ लागू किया जाए।
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बैठक में कक्षा छह से विद्यार्थियों के लिए चरणबद्ध कैरियर काउंसिलिंग व्यवस्था, विद्यालय प्रबंधन समितियों में उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी, विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत बनाने, आईटीआई और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने, राज्य इंटर्नशिप योजना, अंतरराष्ट्रीय भाषा प्रशिक्षण, कौशल मंदिरों की स्थापना, रोजगार संगम पोर्टल के उन्नयन, एपीएआर आईडी आधारित डिजिटल स्किल प्रोफाइल और विभिन्न विभागों के प्रभावी अभिसरण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, कैरियर मार्गदर्शन, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने, चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने, वित्तीय आवश्यकताओं और संस्थागत व्यवस्था का विस्तृत प्रस्ताव निर्धारित समयसीमा में तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य, जनपद और क्लस्टर स्तर पर चार स्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने पर भी रियल टाइम समीक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुपालन के लिए प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम ने सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं से एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने प्रस्ताव प्रशिक्षण निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा। ब्यूरो

