लखनऊ, । यूपी के लाखों कामगारों और सेवायोजकों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी मिल गई। इसके लागू होने के बाद अब किसी भी पात्र कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन नहीं दिया जा सकेगा, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, प्रतिष्ठान या नियोजन में कार्यरत हो। संहिता में प्रावधान किया गया है कि कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत मूल वेतन होगा।
सामाजिक सुरक्षा योजना में अधिक लाभ मिलेगा
नई नियमावली के हिसाब से भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलेगा। समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा समाप्ति के दो दिन में बकाया भुगतान अनिवार्य होगा।

