शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिलाने की मांग, MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने नियम 115 के तहत उठाया मुद्दा
लखनऊ। शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुए शिक्षकों को पुरानी पेंशन (Old Pension Scheme) का लाभ दिलाने का मुद्दा एक बार फिर उठाया गया है। विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने नियम 115 के अंतर्गत सरकार का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
47 जनपदों में जारी हो चुके हैं पेंशन संबंधी आदेश
5 अगस्त 2026 को प्रमुख सचिव, विधान परिषद, उत्तर प्रदेश को दिए गए पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स 1961 के नियम 3(8) में अस्थायी कर्मचारी के नियमित होने पर पुरानी पेंशन के लिए अस्थायी सेवा अवधि को भी कुल सेवा में जोड़ने का प्रावधान है।
पत्र के अनुसार, विभिन्न शिक्षक भर्तियों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त हो चुके शिक्षामित्रों की पेंशन के संबंध में 47 जनपदों में आदेश जारी किए जा चुके हैं।
28 जिलों में विकल्प पत्र जमा न होने का मुद्दा
पत्र में दावा किया गया है कि प्रदेश के 28 जनपदों में विकल्प पत्र जमा नहीं कराए गए हैं, जिसके कारण शिक्षकों की GPF कटौती प्रारंभ नहीं हो पा रही है।
MLC ने मांग की है कि इन 28 जनपदों में भी शिक्षकों से विकल्प पत्र लिया जाए, ताकि पात्र शिक्षकों को पुरानी पेंशन से आच्छादित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
शिक्षकों में रोष और असमंजस का हवाला
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि शेष जनपदों में पेंशन संबंधी आदेश जारी न होने के कारण शिक्षक इस लाभ से वंचित हैं और हजारों शिक्षकों में असमंजस एवं रोष है। उन्होंने इसे लोक महत्व का सुनिश्चित एवं अविलंबनीय विषय बताते हुए सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
पत्र पर हस्तलिखित टिप्पणी में भी इसे आवश्यक बताते हुए कार्रवाई के लिए सरकार को निर्देशित किए जाने का उल्लेख है।
मुख्य मांग: शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने पात्र शिक्षकों से शेष 28 जनपदों में भी विकल्प पत्र लेकर उन्हें पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

