यूपीटीईटी में 77 प्रतिशत शिक्षक भी पास, प्राथमिक में 80% और उच्च प्राथमिक में 71% सफलता
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 का परिणाम बुधवार को जारी कर दिया। परीक्षा में प्राथमिक स्तर पर 80.07 प्रतिशत और उच्च प्राथमिक स्तर पर 71.85 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं।
प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) की परीक्षा में कुल 7,13,648 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 5,71,435 अभ्यर्थी सफल रहे। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) की परीक्षा में 10,57,021 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 7,59,513 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए।
60 जिलों में हुई थी परीक्षा
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के निर्देशन में विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत यूपीटीईटी की परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जनपदों में पांच पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए 60 जनपदों में 955 केंद्र बनाए गए थे।
बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक भी सफल
परीक्षा में कार्यरत शिक्षकों ने भी बड़ी संख्या में सफलता हासिल की है। प्राथमिक स्तर के लिए सम्मिलित कुल 1,22,405 कार्यरत शिक्षकों में से 93,387 (76.29 प्रतिशत) सफल घोषित किए गए। इसी तरह उच्च प्राथमिक स्तर की यूपीटीईटी में शामिल 1,46,394 कार्यरत शिक्षकों में से 1,13,384 (77.45 प्रतिशत) अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
आयोग के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिन्होंने दोनों स्तरों की यूपीटीईटी दी थी।
टीईटी पास करना क्यों जरूरी?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार जिन शिक्षकों की नियुक्ति बिना टीईटी के हुई थी, उन्हें नौकरी बचाने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक था। इसी वजह से कार्यरत शिक्षकों के लिए भी यह परीक्षा महत्वपूर्ण रही।
अत्यधिक संख्या में अभ्यर्थियों के पंजीकरण को देखते हुए परीक्षा पांच पालियों में कराई गई और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के आधार पर परिणाम तैयार किया गया। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

