प्रयागराज , कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए 15 अगस्त से शुरू हुए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच सोशल मीडिया पर परिषदीय स्कूलों के भ्रामक वीडियो वायरल करने को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। जिले में दो स्कूलों से जुड़े मामले में बीएसए अनिल कुमार ने डीएम को रिपोर्ट भेज दी है और अब गलत सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
एक्स पर एक यूजर ने कौंधियारा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय कुआं में शौचालय, सड़क, पेयजल और विद्युत कनेक्शन न होने की सूचना प्रसारित की थी। इस पर सीडीओ हर्षिका सिंह ने स्वयं प्रधानाध्यापिका पूनम साहू से फोन पर विद्यालय में उपलब्ध पानी, बिजली, सड़क और शौचालय की सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
प्रधानाध्यापिका ने सूचित किया कि विद्यालय में आवश्यक सुविधाए उपलब्ध हैं तथा विद्यालय की स्थिति संतोषजनक है। विद्यालय में बालक एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध शौचालय उपयोग योग्य है। विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क की समुचित व्यवस्था है। पेयजल के साथ विद्युत व्यवस्था उपलब्ध है। वहीं, फेसबुक पर बहादुरपुर ब्लॉक के स्कूल में पहुंच मार्ग को लेकर वायरल वीडियो को भी बीएसए ने गलत बताया है। बीएसए का कहना है कि जांच में पता चला कि वायरल वीडियो ग्राम पंचायत कोटवा स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का है। उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक मिथिलेश त्रिपाठी के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे ग्राम पंचायत कोटवा के बिंद एवं सोनकर बस्ती के हैं। सोनकर बस्ती के पास ही बिजलीघर स्थित है और रास्ता पक्का है। सड़क के दोनों ओर तालाब हैं। दो दिन पहले अत्यधिक वर्षा के कारण तालाब का पानी सड़क पर आ गया था जो कि अब खाली हो गया है। बस्ती से आने के लिए एक पगडंडी रास्ता भी वर्तमान में जलमग्न है। विद्यालय आने के लिए दूसरा पक्का रास्ता भी है। कुछ लोगों ने जानबूझकर बच्चों को पानी से होकर जाने को कहा और वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। बीएसए का कहना है कि गलत तथ्यों के आधार पर परिषदीय विद्यालयों की छवि खराब करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।

