प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक को वहां के एक सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालय में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए सहायक अध्यापक को वेतन भुगतान और सिंगल ऑपरेशन के आदेश से जुड़े मामले की गंभीरता से जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने श्री व्यंकटानंद संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिकंदरपुर बलिया की प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिका में प्रबंध समिति ने डीआईओएस बलिया के 14 मार्च के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत वेतन खाते के एकल संचालन की अनुमति देकर प्रभारी प्रधानाचार्य राम प्रसाद गुप्ता और सहायक अध्यापक सुधाकर शुक्ल को वेतन भुगतान का रास्ता साफ किया गया था।
मामले में संबंधित सहायक अध्यापक को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। याचिका में इसी तथ्य को गंभीरता से लेते हुए वेतन भुगतान की वैधता पर सवाल उठाया गया है।
हाईकोर्ट ने डीआईओएस को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के बाद अब शिक्षक को वेतन भुगतान की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

