परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 60 हजार शिक्षक भर्ती समेत अन्य मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में गुरुवार को पूरे दिन सिविल लाइंस में हंगामा किया। पत्थर गिरजाघर के बगल स्थित धरनास्थल पर बारिश के बावजूद सैकड़ों बेरोजगार अपनी मांगों पर अड़े रहे। देरशाम एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह की मौजूदगी में मुलाकात की। छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किए जाने के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। वार्ता में प्रतियोगी छात्र समिति के संयोजक आशुतोष पांडेय, अभिषेक तिवारी, विनोद पटेल, मो. अफसर, राम यागिक, लकी पाल आदि शामिल थे।
महाधरना से पहले गुरुवार सुबह ही पुलिस ने बीएनएस की धारा 163 लागू होने संबंधी नोटिस प्रतियोगी छात्रों को भेज दी थी। पुलिस ने चेतावनी दी कि धारा 163 प्रभावी होने के कारण धरना विधि विरुद्ध है। इस कृत्य से कभी भी कानून व्यवस्था खराब हो सकती है। यदि छात्र इस स्थान को खाली नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसके बावजूद जब युवा धरनास्थल की ओर बढ़ने लगे तो तकरीबन 11.15 बजे पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर पत्थर गिरजाघर से एक चौराहा पहले ही उन्हें रोक दिया। इसके बाद छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।
महाधरना के आह्वान पर छात्रों को जबरन उठाया : गुरुवार को महाधरना का ऐलान करने वाले डीएलएड अभ्यर्थियों को सिविल लाइंस पुलिस ने बुधवार की आधी रात ही जबरन हटाया था। आरोप है कि कुछ छात्रों को चोटें भी आईं। एक छात्र की आंख के ऊपर चोट लगने से खून निकलने लगा। डीएलएड मोर्चा के रजत सिंह समेत कुछ अन्य छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पंडाल समेत दूसरी सामग्री भी जब्त कर ली। इविवि के पूर्व छात्र नेता एवं कांग्रेस नेता रजनीश सिंह रिशू ने समर्थन दिया। पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की।
आप सांसद संजय सिंह ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
धरनास्थल से बुधवार देर रात पुलिस के छात्रों को जबरन उठाने का वीडियो फेसबुक पर साझा करते हुए आप सांसद संजय सिंह ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया। आप नेता ने पूछा-प्रयागराज में योगीराज या गुंडाराज? 60 हज़ार शिक्षक भर्ती की मांग व माध्यमिक शिक्षकों के भर्ती नियमों में बदलाव के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण तरीक़े से भूख हड़ताल/धरना कर रहे छात्रों के साथ पुलिस की बर्बरता देखिए। रात 2 बजे छात्रों को गुंडों की तरह मारा पीटा गया। लोकतंत्र में लाठीतंत्र आपकी ‘तानाशाह सत्ता’ के अंत का कारण बनेगा योगीजी।
छात्रों की मांगें
● प्राथमिक स्कूलों में 11508 की बजाय 60 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती हो
● टीजीटी-पीजीटी की नई भर्ती पुरानी नियमावली से हो
● यूपीटीईटी के परिणाम की विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए
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