11 September 2026

सरकार ने ईपीएफ निवेश नियमों में बदलाव किया


नई दिल्ली, । केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़े निवेश नियमों में बदलाव किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में भविष्य निधि (पीएफ) के पैसे से जुड़े निवेश से संबंधी नियमों में संशोधन किया गया है। नए नियम के तहत ऋण साधनों और संबंधित निवेश की श्रेणी में अब चार अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को शामिल किया गया है।


जारी अधिसूचना में अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक, अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम, एशियाई विकास बैंक और न्यू डेवलपमेंट बैंक शामिल हैं। अब पीएफ का पैसा इन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों द्वारा जारी किए जाने वाले बॉन्ड में लगाया जा सकेगा। हालांकि यह शर्त भी रखी गई है कि पैसा उन्हीं बॉन्ड में निवेश किया जाएगा, जिनकी परिक्वता कम से कम तीन साल बची हो। ध्यान रहे कि ईपीएफओ द्वारा उस धनराशि को निवेश किया जा रहा है जो कर्मचारियों से पीएफ योगदान के तौर पर प्राप्त होती है। निवेश की गए धनराशि से होने वाली कमाई के जरिए ही ईपीएफओ अपने सदस्यों को जमा पर ब्याज धनराशि जारी करते हैं।


वर्तमान में ईपीएफओ पर सदस्यों को सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली अन्य योजनाओं से कहीं अधिक ब्याज मिलता है। मौजूदा समय में जमा धनराशि पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज धनराशि जारी की जाती है।