बछरावां/दुलहूपुर, । जब शिकायतों और गुहार के बाद भी समस्याएं दूर नहीं हुईं तो जेन अल्फा ने खुद मोर्चा संभाल लिया। रायबरेली में स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सैकड़ों छात्र आधी रात सड़क पर उतर आए तो अंबेडकरनगर में जर्जर सड़क से परेशान स्कूली बच्चे गुरुवार को कीचड़ भरे पानी में खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। दोनों जगह बच्चों ने व्यवस्था के खिलाफ अपने अंदाज में आवाज उठाई।
शेखपुर समोधा गांव स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय आश्रम पद्धति विद्यालय में बिजली, रहने की व्यवस्था, भोजन और साफ-सफाई को लेकर नाराज कक्षा नौ से 12 तक के सैकड़ों छात्र बुधवार रात करीब 11 बजे विद्यालय से निकलकर तीन किलोमीटर पैदल बछरावां पहुंचे।
यहां दो घंटे से अधिक धरना-प्रदर्शन चला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद छात्र विद्यालय लौट गए। विद्यालय में 350 से अधिक छात्र पढ़ते हैं।
छात्रों का कहना है कि 25 केवीए का ट्रांसफार्मर कई महीनों से खराब हालत में था और मंगलवार दोपहर जवाब दे गया। इसके बाद पूरे परिसर की बिजली ठप है।
कमरों के पंखे बंद होने से उमस और गर्मी में छात्र परेशान हैं। लाखों रुपये का सोलर प्लांट लगा होने के बावजूद बिजली संकट में उससे भी राहत नहीं मिल रही। छात्रों के मुताबिक पर्याप्त बेड नहीं हैं और कई जगह एक तख्त पर चार-चार छात्रों को सोना पड़ रहा है। कुछ कमरों में पंखे नहीं हैं तो कई जगह बारिश में छत से पानी टपकता है। रसोई के स्टोर में भी अव्यवस्था मिली। दीवारों पर जाले और कीड़े दिखाई दिए, जबकि खाद्य सामग्री जमीन पर रखी थी। सड़े आलू की दुर्गंध भी मिली।
छात्रों का आरोप है कि भोजन और खाद्य सामग्री की व्यवस्था को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन समय रहते सुधार नहीं हुआ।
परिसर में एक जगह जलभराव से तालाब जैसी स्थिति है। गंदगी और मच्छरों के कारण भी छात्र परेशान हैं। प्रदर्शन के बाद गुरुवार को नवागंतुक एसडीएम आयुष अग्रवाल विद्यालय पहुंचे। उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक परिसर का निरीक्षण किया और छात्रों की समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने बताया कि बिजली को लेकर छात्रों में सबसे ज्यादा नाराजगी है। निरीक्षण में अन्य कमियां भी सामने आई हैं। उन्होंने रसोई के स्टोर में खाद्य सामग्री की व्यवस्था सुधारने और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। बिजली समेत अन्य समस्याओं को जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया। प्रधानाचार्य अवधेश प्रसाद ने बताया कि नाराज छात्रों की समस्याएं सुनी गई हैं।
व्यवस्थाओं में सुधार के लिए योजना बनाई है। शीघ्र समाधान कराया जाएगा। हालांकि, छात्रों का कहना है कि समस्याओं की जानकारी विद्यालय प्रबंधन को पहले से थी, समय रहते उनका समाधान नहीं किया गया। इसी वजह से उन्हें रात में विद्यालय से बाहर निकलकर प्रदर्शन करना पड़ा।
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