नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व एवं मौजूदा विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों को वेतन-भत्ता वाले कानून के प्रावधान वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यह निर्देश इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की अपील पर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई की और चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

