प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक वरिष्ठ नागरिक को सेवानिवृत्ति के करीब आठ साल बाद पेंशन में की गई कटौती के मामले में राहत दी है। कोर्ट ने संबंधित पेंशन कटौती पर रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने अरुण कुमार शुक्ल की याचिका पर अधिवक्ता बीएन सिंह राठौर को सुनकर दिया। मामला वरिष्ठ नागरिक श्रेणी में सूचीबद्ध होने के कारण प्राथमिकता के आधार पर सुना गया।
याची 31 दिसंबर 2017 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनका अंतिम आहरित वेतन ₹1,19,300 था और इसी के आधार पर उन्हें पेंशन दी जा रही थी। करीब आठ वर्ष बाद संबंधित प्राधिकारी ने एक समिति की सिफारिश के आधार पर उनकी पेंशन का पुनर्निर्धारण कर दिया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
याचिका में इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा गया कि 16 जनवरी 2007 के शासनादेश की धारा 7 के अनुसार कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के 34 महीने बाद रिकॉर्ड में संशोधन नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों को देखते हुए पेंशन में की गई कटौती पर रोक लगाने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई आगे निर्धारित की जाएगी।

