19 September 2026

कफन ओढ़ पुराने नियमों से मांगी भर्ती, शिक्षा निदेशालय में डटी रही एक गाड़ी पीएसी

  पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न पर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती का विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर बेरोजगारों का आमरण अनशन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने पूरे दिन पत्थर गिरजाघर स्थित धरनास्थल पर प्रदर्शन किया और देर शाम शिक्षा निदेशालय पर डेरा डाल दिया। इस दौरान चारों आमरण अनशनकारियों ने कफन ओढ़कर विरोध जताया और अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल से अपील की कि वह तत्काल शासन स्तर से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी कराने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र जारी कराने की पहल करें।


इससे पहले दिन में प्रदर्शन के दौरान अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल दो घंटे से अधिक समय तक पत्थर गिरजाघर पर पुलिस चौकी पर बैठे रहे। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनके स्तर से इस मामले में निर्णय लेने की स्थिति नहीं है और शासन को ज्ञापन भेज दिया गया है। हालांकि प्रतियोगी छात्र जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और बोरिया-बिस्तर लेकर शाम को शिक्षा निदेशालय पहुंच गए। छात्रनेता आशुतोष पांडे ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों को नहीं माना गया तो शिक्षा निदेशालय से लेकर लखनऊ तक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि अचानक नियमों में बदलाव के कारण प्रदेश के सात लाख से अधिक नौजवान और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर छात्रों का मौलिक अधिकार है।


शिक्षा निदेशालय में डटी रही एक गाड़ी पीएसी


पुरानी नियमावली से भर्ती नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी मिलने पर शुक्रवार को सुबह से ही एक गाड़ी पीएसी शिक्षा निदेशालय पहुंच गई थी। अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने गुरुवार को ही डीएम और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर निदेशालय में आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था करने की मांग की थी। हालांकि देर रात अनशनकारी निदेशालय से चले गए।