बरेली: मिड-डे मील में अनियमितता मिलने पर प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस, 3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण
Bareilly Mid Day Meal News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के विकासखंड भदपुरा में मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर खंड विकास अधिकारी ने संबंधित प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान/प्रशासक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
औचक निरीक्षण में मिलीं कई कमियां
खंड विकास अधिकारी, विकासखंड भदपुरा की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस के अनुसार, ब्लॉक स्तरीय अनुश्रवण समिति एवं निरीक्षण टीम ने विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और खाद्यान्न के रखरखाव से संबंधित कई कमियां सामने आईं।
निरीक्षण में क्या-क्या अनियमितताएं मिलीं?
1. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर सवाल
निरीक्षण के दौरान तैयार भोजन निर्धारित पोषण मानकों और स्वच्छता संबंधी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं पाया गया। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया कि बुधवार को बच्चों को दूध एवं फल नहीं दिए गए थे।
2. छात्र उपस्थिति और पंजिका में अंतर
विद्यालय में वास्तविक रूप से उपस्थित बच्चों की संख्या और MDM पंजिका में दर्ज लाभार्थियों की संख्या में अंतर पाया गया। नोटिस के अनुसार, पंजिका में 173 बच्चों का विवरण दर्ज था, जबकि मौके पर 74 बच्चे उपस्थित मिले। कक्षा 6, 7 और 8 का भी उल्लेख किया गया है।
3. खाद्यान्न के रखरखाव में कमी
स्टॉक सत्यापन के दौरान खाद्यान्न के अवशेष और कन्वर्जन कॉस्ट के व्यय से संबंधित विवरण में स्पष्ट अंतर पाया गया। नोटिस में उचित विवरण उपलब्ध न होने तथा स्टॉक में केवल चावल और गेहूं पाए जाने का उल्लेख है।
प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान से जवाब तलब
नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, नियमित और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित लोगों की है। निरीक्षण में पाई गई कमियों को गंभीर मानते हुए दोनों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उन्हें निर्देश दिया गया है कि नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर अपना जवाब खंड विकास अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करें।
जवाब नहीं मिलने पर हो सकती है कार्रवाई
जारी नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर यह माना जा सकता है कि संबंधित पक्ष के पास अपने बचाव में कोई तथ्य नहीं है। ऐसी स्थिति में मामले को आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को भेजा जा सकता है।
स्कूलों के लिए क्या है संदेश?
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है। इसलिए विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, छात्र उपस्थिति रजिस्टर, खाद्यान्न स्टॉक और खर्च का रिकॉर्ड सही रखना जरूरी है।
नोट: यह समाचार 28 अक्टूबर 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस में दर्ज विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। नोटिस में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का स्पष्टीकरण और अंतिम कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध होने पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।


