69000 भर्ती में डेढ़ साल से चल रहा आरक्षण विवाद सुलझा





69 हजार शिक्षक भर्ती में लगभग डेढ़ साल से चल रहे आरक्षण के विवाद को सुलझा लिया गया है। इनमें आरक्षित वर्ग के प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए छह हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी गई। डॉ. द्विवेदी के मुताबिक राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र को प्रोसेस फ्लो करके 24 दिसम्बर तक उपलब्ध कराया जाएगा।


 इसके बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की चयन सूची 28 दिसम्बर तक तैयारी की जाएगी। चयन सूची का परीक्षण 29 दिसम्बर तक होगा। एनआईसी की वेबसाइट पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची 30 दिसम्बर को जारी होगी। जिलों में काउंसिलिंग तीन से पांच जनवरी, 2022 तक होगी और नियुक्ति पत्र छह जनवरी को बांटे जाएंगे। इस भर्ती के अभ्यर्थी लम्बे समय से आंदोलनरत थे। इनका आरोप है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित 18598 सीटों में से 5844 सीटें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को दे दी गई हैं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी सरकार को इस मामले में पत्र भेजा था। असंतुष्ट अभ्यर्थियों ने सभी दलों के नेताओं से मिलकर अपनी बात कही। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी ये अभ्यर्थी मिले थे जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें यह आश्वासन दिया था कि इसका न्यायोचित समाधान जल्द ही निकाला जाएगा।


राज्यमंत्री बेसिक शिक्षा डॉ. सतीश द्विवेदी ने बताया, कुछ विसंगतियों के कारण आरक्षित वर्ग के कुछेक अभ्यर्थी 69000 शिक्षक भर्ती में प्रभावित हुए हैं। इनका नाम चयन सूची में होना चाहिए था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हमने इन प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए छह हजार पदों पर भर्ती का निर्णय लिया है।

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