24 May 2026

प्रदेश के 600 विद्यालयों में स्थापित होंगी ड्रीम लैब


लखनऊ : प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक ड्रीम (डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) लैब स्थापित की जाएंगी। शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने टाटा समूह की कंपनी नेल्को लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया।



परियोजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 150 हाईस्कूल और 450 इंटर कॉलेजों को शामिल किया गया है। पहले चरण में 72, दूसरे चरण में 144 और तीसरे चरण में 384 विद्यालयों में ड्रीम लैब स्थापित की जाएंगी।


इन ड्रीम लैब को आधुनिक नवाचार व कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), 3-डी प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण, बैटरी चालित विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा डिजाइन थिंकिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


यह परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है। इससे विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी दक्षता व रचनात्मक कौशल विकसित किया जाएगा।


एमओयू के तहत पांच वर्षीय साझेदारी मॉडल में नेल्को लिमिटेड के नेतृत्व में औद्योगिक समूह द्वारा अत्याधुनिक मशीनरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर एवं रखरखाव सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्योग विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के साथ शिक्षकों का क्षमता निर्माण भी किया जाएगा।


समझौते पर शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित कौशलों से लैस करना समय की मांग है।