08 June 2026

जनगणना 2026: मकान नंबर से छेड़छाड़ या गलत जानकारी देने पर लगेगा जुर्माना, हो सकती है जेल

 

जनगणना 2026: मकान नंबर से छेड़छाड़ या गलत जानकारी देने पर लगेगा जुर्माना, हो सकती है जेल

प्रयागराज। देशभर में प्रस्तावित जनगणना 2026 की तैयारियों के बीच प्रशासन ने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान मकान नंबर से छेड़छाड़, गलत जानकारी देना या आवश्यक सूचनाएं छिपाना कानूनन अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि मकानों के सूचीकरण और गणना कार्य के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या जानकारी छिपाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


गलत जानकारी देने पर लगेगा जुर्माना

जनगणना अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर नहीं देता या तथ्य छिपाने का प्रयास करता है, तो उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जनगणना के दौरान परिवारों को सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

33 प्रश्नों के देने होंगे जवाब

जनगणना प्रक्रिया के तहत नागरिकों से लगभग 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, निर्माण सामग्री, पेयजल, शौचालय, वाहन आदि से संबंधित जानकारियां शामिल होंगी। अधिकारियों ने कहा है कि सभी प्रश्नों के सही और सटीक उत्तर देना आवश्यक होगा।

जनगणना की जानकारी लीक करना भी अपराध

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जनगणना से संबंधित गोपनीय जानकारी को सार्वजनिक करना या लीक करना गंभीर अपराध है। यदि कोई जनगणना अधिकारी या कर्मचारी गोपनीय जानकारी साझा करता है, जनगणना दस्तावेजों से छेड़छाड़ करता है या किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल तक की सजा का प्रावधान

जनगणना से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं को लीक करने, रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने या कार्य में बाधा पहुंचाने के मामलों में तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान बताया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।

मुख्य बातें

  • जनगणना 2026 के लिए प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश।

  • मकान नंबर से छेड़छाड़ या गलत जानकारी देने पर कार्रवाई होगी।

  • गलत जानकारी देने पर 1,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • जनगणना के दौरान 33 प्रश्नों के सही उत्तर देना आवश्यक।

  • जनगणना की गोपनीय जानकारी लीक करने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान।

  • प्रशासन ने नागरिकों से सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।