08 June 2026

प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर बना मदरसा, विधायक ने उठाया मुद्दा; जांच और कार्रवाई की मांग

प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर बना मदरसा, विधायक ने उठाया मुद्दा; जांच और कार्रवाई की मांग

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर कथित रूप से मदरसा बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक ने प्रशासन को पत्र भेजकर जांच कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की भी मांग की गई है।


विधायक ने डीएम को लिखा पत्र

सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि सरकारी प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर अवैध कब्जा कर मदरसा संचालित किया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

44 वर्ष पहले बना था मदरसा

रिपोर्ट के अनुसार, बैतालपुर विकास खंड के एक गांव में स्थित भूमि राजस्व अभिलेखों में विद्यालय के नाम दर्ज बताई जा रही है। स्थानीय ग्राम प्रधान का दावा है कि इसी भूमि पर लगभग 44 वर्ष पहले मदरसे का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से भूमि स्वामित्व को लेकर विवाद बना हुआ है।

प्रशासन को पहले भी दी गई थी जानकारी

समाचार के अनुसार विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने भी समय-समय पर प्रशासन को मामले की जानकारी दी थी। हालांकि आरोप है कि अब तक इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

राजस्व विभाग कर रहा कार्रवाई

तहसील प्रशासन का कहना है कि मामले में राजस्व संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार भूमि अभिलेखों की जांच कराई जा रही है और यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई

प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनने और अभिलेखों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु

  • देवरिया में प्राथमिक विद्यालय की भूमि पर मदरसा बनाए जाने का आरोप।

  • विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने डीएम को पत्र लिखकर जांच की मांग की।

  • भूमि को राजस्व अभिलेखों में विद्यालय के नाम दर्ज बताया गया।

  • मदरसा लगभग 44 वर्ष पहले बनाए जाने का दावा।

  • राजस्व विभाग ने जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

  • रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।