नई दिल्ली, । पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में इजाफे के बाद सरकार घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भी वृद्धि की है। ताजा 29 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का घाटा पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में अभी और दाम बढ़ने की आशंका बरकरार है।
अमेरिका व इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में इस दूसरी वृद्धि के बाद सिलेंडर की कीमतों में 89 रुपए की वृद्धि हो चुकी है। दरअसल, पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पिछले सप्ताह कहा था कि घरेलू गैस सिलेंडर पर करीब 700 रुपए का नुकसान हो रहा है।
दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के निर्णय का बचाव किया है। सरकार की दलील है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में रसोई गैस की कीमतों में जबरदस्त उछाल के बावजूद भारत में परिवारों को एलपीजी रसोई गैस दुनिया के अन्य देशों की मुकाबले में काफी सस्ती कीमत पर मिल रही है।
सरकार की दलील है कि पश्चिम एशिया संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद से पैदा हुए हालात की वजह से एलपीजी का वैश्विक बेंचमार्क सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस फरवरी के बाद लगभग 46 प्रतिशत बढ़ गया है। इसके चलते घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की वास्तविक लागत 1,600 रुपए से अधिक हो चुकी है।

