निपुण भारत मिशन का दायरा बढ़ा, अब कक्षा 5 तक मिलेगा लाभ
लखनऊ। प्रदेश में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए संचालित निपुण भारत मिशन का विस्तार अब कक्षा 5 तक किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को और अधिक मजबूत बनाना है। इसके तहत हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) विषयों के लिए नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार कार्ययोजना के अनुसार इन दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप देकर 20 जून तक अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद इन्हें विद्यालयों में लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कक्षा 3 से 5 तक होगा मिशन का विस्तार
अभी तक निपुण भारत मिशन मुख्य रूप से कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों पर केंद्रित था। अब इसके दायरे को बढ़ाकर कक्षा 3, 4 और 5 तक किया जा रहा है, ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहे और उनकी शैक्षणिक नींव अधिक मजबूत हो सके।
हाल ही में आयोजित बैठक में मिशन के विस्तार, अधिगम लक्ष्यों के निर्धारण, शिक्षक परामर्श प्रक्रिया तथा क्रियान्वयन रणनीति की समीक्षा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को नया आयाम मिलेगा।
हिंदी और गणित के लिए तैयार हुए प्रारूप
शिक्षा विभाग ने हिंदी और गणित विषयों के लिए प्रारंभिक अधिगम लक्ष्य तैयार कर लिए हैं। आगामी चरण में अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इन लक्ष्यों के माध्यम से प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा।
बच्चों की सीखने की क्षमता पर रहेगा फोकस
निपुण भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणना करने की बुनियादी क्षमताओं को विकसित करना है। मिशन के विस्तार से कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक आधार प्राप्त होगा।
मुख्य बिंदु:
निपुण भारत मिशन का विस्तार अब कक्षा 5 तक।
20 जून तक अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं अनुमोदन हेतु भेजी जाएंगी।
हिंदी और गणित के लिए प्रारूप तैयार।
जल्द ही अंग्रेजी और EVS के लिए भी लक्ष्य तय होंगे।
कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों को भी मिशन का लाभ मिलेगा।

