27 July 2026

काम की बात : काम की बात: अब घर बैठे मोबाइल ऐप से बुक करें मजदूर-मिस्त्री, डिटेल में जानें

 यदि आपको घर पर या दुकान में कोई निर्माण या अन्य काम कराना है तो अब घर बैठे आप मजदूर-मिस्त्री को बुला सकेंगे। इसके लिए व्यर्थ की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। श्रम विभाग ने ‘यूपी डिजिटल लेबर चौक’ नाम का एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप निर्माण और अन्य कामों से जुड़े श्रमिकों के लिए भी बड़े काम का है। इसके जरिए श्रमिक अपने अनुभव और जरूरत के हिसाब से अपने इलाके में ही काम पा सकेंगे। उन्हें चिलचिलाती धूप, कड़ाके की ठंड या भारी बारिश में काम की तलाश के लिए घर से बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। सड़कों और चौराहों (लेबर चौक) पर घंटों खड़ा नहीं रहना होगा। ठेकेदार और काम करवाने वाले अन्य लोग इस ऐप के जरिए सीधे उनसे संपर्क कर सकेंगे।



मोबाइल एप लिंक👇 

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.up.labourchowk.app&pcampaignid=web_share

सहारनपुर के उप श्रम आयुक्त सुविज्ञ सिंह ने इसे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने बताया कि यह नया ऐप निर्माण श्रमिकों और काम देने वाले नियोजकों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है। इसके जरिए बिल्डर, ठेकेदार या निर्माण एजेंसियां अपनी जरूरत के हिसाब से कुशल श्रमिकों को सीधे चुन सकेंगी। वहीं, श्रमिक भी घर बैठे ही काम के अवसरों तक पहुंच बना सकेंगे। ऐप के जरिए मजदूरों से सीधा संपर्क स्थापित होगा जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र श्रमिकों तक अब पूरे पारदर्शी ढंग से पहुंचेगा। श्रमिक और नियोजक दोनों ही अपने एंड्रॉइड फोन के जरिए आसानी से ऐप पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी भी ले सकते हैं।

 

उप श्रमायुक्त ने निर्माण श्रमिकों और नियोजकों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यह ऐप न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ाएगा बल्कि श्रमिक वर्ग के सामाजिक आर्थिक उत्थान में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने सभी से गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर इसे अपने दैनिक कामकाज का हिस्सा बनाने का अनुरोध किया। वहीं आजमगढ़ से जानकारी मिली कि यहां भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब चार लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इन सभी श्रमिकों की डिटेल ऐप पर दर्ज की जाएगी जिससे उनकी उपलब्धता ऑनलाइन दिखाई देगी। भवन निर्माण, सड़क, पुल और अन्य परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदार भी ऐप पर रजिस्ट्रेशन कर जरूरत के हिसाब से श्रमिकों का चयन कर सकेंगे।


आजमगढ़ के सहायक श्रमायुक्त पवन कुमार सोनकर ने बताया कि अब तक श्रमिकों को काम की तलाश में भटकना पड़ता था। जबकि नियोक्ताओं को भी समय पर श्रमिक नहीं मिल पाते थे। ‘यूपी डिजिटल लेबर चौक ऐप’ दोनों के बीच डिजिटल सेतु का काम करेगा। उन्होंने बताया कि एंड्रॉयड मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण करने के बाद नियोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से मिस्त्री और मजदूरों से सीधे संपर्क कर सकेंगे।


 एक क्लिक पर मिलेगी योजनाओं और रोजगार की जानकारी

श्रमिक ऐप के जरिए पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार के अवसरों के साथ-साथ बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी। श्रमिक अपने पंजीकरण की स्थिति, योजनाओं का विवरण और अन्य आवश्यक सूचनाएं मोबाइल पर ही देख सकेंगे। ऐप के जरिए श्रमिकों को मातृत्व सहायता, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, विवाह, आवास, पेंशन समेत बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी। आवेदन और अन्य जरूरी सूचनाएं भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।