उप्र. शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 (टीईटी) में पहले दिन गुरुवार को उच्च प्राथमिक स्तर के प्रश्न पत्र में पूछे गए सवालों का स्तर मध्यम से कठिन रहा है। अभ्यर्थियों को बाल विकास एवं शिक्षण विधि के वैचारिक और गणित के बड़े सवालों ने परेशान किया। जबकि हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के प्रश्न तुलनात्मक रूप से सरल और सीधे पूछे गए। लंबे अनुच्छेद के सवाल ने परेशान किया। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि बाल विकास एवं शिक्षण विधि के सीधे प्रश्न गायब थे। प्रश्नों के विकल्प इतने करीबी थे कि सही उत्तर चुनने में अभ्यर्थियों का काफी वक्त मशक्कत करनी पड़ी है।
गणित में ज्यामिति और बीजगणित के सवालों में कैलकुलेशन काफी लंबा होने से हल करने में समय काफी लग गया। कई अभ्यर्थी ये सवाल नहीं कर कर पाए। विज्ञान में कूट वाले सवाल थे। वहीं पर्यावरण अध्ययन में उत्तर प्रदेश के भूगोल और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े कइ गहरे सवाल पूछे गए। हालांकि जिन्होंने अच्छे से तैयारी की थी। उनका प्रश्न पत्र अच्छा हुआ है। परीक्षार्थियों में महिलाएं अधिक थीं।
सीधे सिद्धांत के बजाय कक्षा की परिस्थितियों पर आधारित सवाल पूछे गए। विकल्पों के बहुत करीब होने के कारण सही उत्तर चुनने में थोड़ा वक्त लगा। हालांकि ओवर ऑल प्रश्न पत्र अच्छा हुआ है। स्वाति कुशवाहा
ओवरऑल प्रश्न पत्र अच्छा था। बाल विकास एवं शिक्षण विधि के सवाल वैचारिक थे, लेकिन तैयारी ठीक होने से कोई दिक्कत नहीं हुई। हिन्दी, संस्कृत व सामान्य अध्ययन के सवाल पढ़े हुए पूछे गए। कल्पना चौधरी, शिक्षिका
दो पाली में 39468 पंजीकृत
गुरुवार सुबह बारिश और उमस की बीच दोनों पालियों में पंजीकृत 39468 में 28,116 अभ्यर्थियों यानी करीब 71 फीसदी ने परीक्षा दी। पहली पाली में पंजीकृत 19,734 अभ्यर्थियों में से 14,032 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। 5,702 ने परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली का उपस्थिति प्रतिशत 71.10% रहा। दूसरी पाली में 14,084 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 5,650 अनुपस्थित रहे। 71.36% ने परीक्षा दी।
डीएम और जेपीसी ने केन्द्रों का जायजा लिया
जिलाधिकारी विशाख जी एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत नबीउल्लाह रोड स्थित राजकीय बालिक इंटर कॉलेज से हुई, जहां अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों, अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों तथा परीक्षा संचालन की प्रक्रिया का गहन अवलोकन किया। प्रवेश व्यवस्था, बायोमीट्रिक एवं पहचान सत्यापन, सीसीटीवी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम व्यवस्था तथा परीक्षा संचालन की संपूर्ण प्रक्रिया का गंभरतापूर्वक देखा।
14 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए, एफआईआर दर्ज
प्रयागराज। परीक्षा के पहले दिन ही विभिन्न जिलों में 14 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। सभी को पुलिस को सौंपते हुए एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। जिन जिलों से फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए उनमें बदायूं, इटावा, फिरोजाबाद, गोंडा, कानपुर, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, गोरखपुर शामिल हैं।
बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही दिया गया प्रवेश
46 परीक्षा केन्द्रों पर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। बायोमीट्रिक सत्यापन और चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। केन्द्रों की निगरानी में लगे 92 मजिस्ट्रेट,46 सेक्टर मजिस्ट्रेट और इतने स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे थे। जिसके चलते केन्द्रों सख्ती रही। केन्द्रों पर पुलिस बल भी तैनात रहा।

