बेंगलुरु, एजेंसी। शहर के ब्रुकफील्ड स्थित आईटी कंपनी कैपजेमिनी के परिसर में संचालित डेकेयर सेंटर में मासूमों से हैवानियत मामले में बेंगलुरु पुलिस ने जांच टीम गठित कर सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही, घटना के बाद कंपनी ने सेंटर को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है।
पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने गुरुवार को कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और शहर के अन्य डेकेयर केंद्रों की भी जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे निर्धारित नियमों और मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। मामले में पुलिस ने पांच महिला कर्मचारियों के खिलाफ दो से तीन वर्ष की आयु के बच्चों के साथ शारीरिक प्रताड़ना के आरोप में केस दर्ज किया है। यह मामला हैवानियत का वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) और व्हाइटफील्ड के पुलिस उपायुक्त मौके पर पहुंचकर तथ्यों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस फुटेज की गहन जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो में मासूमों के साथ हो रही हैवानियत रूह कंपाने देने वाली है। महिला कर्मचारी उनको सामने से खुलने वाली वॉशिंग मशीन के अंदर डाला गया, टॉयलेट जेट स्प्रे से मुंह पर पानी मारा गया, वेस्टर्न शौचालय पर बैठाया गया और बाथरूम में बंद रखा गया। कैपजेमिनी ने बयान जारी कर कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा कल्याण कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एहतियातन डेकेयर बंद कर दिया है।
क्या हैं डेकेयर सेंटर के नियम
महिला और बाल विकास मंत्रालय ने श्रम मंत्रालय से सलाह करके, 2024 में भारत में डेकेयर सेंटर बनाने और चलाने के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम मानक और प्रोटोकॉल तय करने वाली गाइडलाइंस जारी की है। इसके अलावा, राज्यस्तर पर अलग नियम है।
बच्चों को रखने से पहले इन बातों की जांच करें
1. सेंटर स्थानीय बाल कल्याण समिति में पंजीकृत हो।
2. परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हों व काम कर रहे हों।
3. समस्त स्टॉफ का पुलिस सत्यापन किया गया हो।
4. शिशुओं की देखभाल के लिए शिशु और देखभाल करने वालों अनुपात 1:10 यानी हर दस पर एक हो।
5. प्राथमिक उपचार, आग से बचाव और सुरक्षा मानकों का पालन हो।
6. साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और बच्चों के अनुकूल शौचालय हों।
कहां करें इसकी शिकायत
डेकेयर सेंटर पर किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर इसकी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पोक्सो हेल्पलाइन नंबर 181 पर कर सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर प्रत्येक जिले में बाल कल्याण समिति होती है।

