20 August 2026

एक शिक्षक की पहल से प्रतिदिन 20 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच रही शिक्षा की सामग्री

एक शिक्षक की पहल से प्रतिदिन 20 लाख विद्यार्थियों तक पहुंच रही शिक्षा की सामग्री

गोरखपुर। एक व्यक्ति की कोशिश किस तरह बड़े स्तर पर बदलाव ला सकती है, इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के शिक्षक डॉ. सर्वेट मिश्र ने पेश किया है। कोरोना काल में जब स्कूलों के दरवाजे बंद थे, तब उन्होंने शिक्षा में नवाचार की नींव रखी और शिक्षकों को जोड़कर व्हाट्सऐप ग्रुप तैयार किए।




उनका उद्देश्य उपयोगी शैक्षिक सामग्री को एक-दूसरे तक पहुंचाना था। धीरे-धीरे यह पहल अलग-अलग जिलों तक पहुंची और शिक्षकों के कई समूह बनाए गए। कुछ जिलों में दो-तीन ग्रुप भी तैयार हुए। इस पहल को एजुकेशनल लर्निंग एंड डेवलपमेंट सिस्टम (ELDS) नाम दिया गया।

प्रतिदिन 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच

रिपोर्ट के अनुसार, इन समूहों के माध्यम से प्रतिदिन 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक नैतिक और शारीरिक शिक्षा से जुड़ी सामग्री पहुंच रही है। करीब 75 हजार शिक्षक भी प्रार्थना सभा और कक्षा में उपयोग के लिए नई सामग्री एवं विचार प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्य समूह पर तैयार सामग्री सुबह 5 बजे तक जिलों के विभिन्न समूहों के माध्यम से शिक्षकों तक पहुंचाई जाती है। इससे शिक्षक उसे अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।

डॉ. सर्वेट मिश्र को राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिला

इस पहल के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ. सर्वेट मिश्र, आदर्श प्राथमिक विद्यालय मुड़घाट, बस्ती के प्रधानाध्यापक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए उन्हें वर्ष 2018 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके कार्यों की सराहना कर चुके हैं। डॉ. मिश्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की बेसिक शिक्षा स्टियरिंग कमेटी के सदस्य भी हैं।

केवल सामग्री नहीं, शैक्षिक मार्गदर्शन भी

डॉ. मिश्र के अनुसार, ELDS का उद्देश्य केवल शिक्षकों तक सामग्री उपलब्ध कराना नहीं है। इसके जरिए शिक्षकों को शैक्षिक मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया जाता है। शिक्षण सामग्री में क्या होना चाहिए और उसे बच्चों तक किस तरह पहुंचाया जाए, इस पर भी जानकारी साझा की जाती है।

यह पहल दिखाती है कि एक शिक्षक का नवाचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग लाखों बच्चों तक शिक्षा से जुड़ी उपयोगी सामग्री पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।