सरप्लस शिक्षकों की आपत्तियों पर होगी ऑनलाइन सुनवाई, 25 अगस्त तक निस्तारण के निर्देश
प्रयागराज। सरप्लस घोषित किए गए शिक्षक-शिक्षिकाओं की ओर से दाखिल आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उच्च न्यायालय के 20 जुलाई के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा परिषद ने आपत्तियों की सुनवाई और निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परिषद के निर्देश के अनुसार, जिन सरप्लस शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी आपत्ति अथवा प्रार्थना पत्र में व्यक्तिगत या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का अवसर मांगा है, उनकी सुनवाई निर्धारित तिथि और समय पर Google Meet के माध्यम से ऑनलाइन कराई जाएगी।
संबंधित शिक्षक को अपने जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निर्धारित समय पर उपस्थित होकर ऑनलाइन सुनवाई में पक्ष रखना होगा। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की होगी। वहीं, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) निर्धारित लिंक से संबंधित शिक्षकों को जोड़ना सुनिश्चित करेंगे।
सुनवाई नहीं चाहने वाले शिक्षकों की आपत्तियां भी होंगी निस्तारित
परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि जिन सरप्लस शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने आपत्ति पत्र में सुनवाई का अवसर नहीं मांगा है, उनकी आपत्तियों और प्रत्यावेदन पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी आपत्तियों का निस्तारण परिषद की ओर से गठित समिति के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में कराया जाएगा। परिषद ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुनवाई नहीं चाहने वाले शिक्षकों की आपत्तियों का निस्तारण हर हाल में 25 अगस्त तक सुनिश्चित किया जाए।
वहीं, जिन शिक्षकों ने सुनवाई का विकल्प चुना है, उनके लिए संलग्न जनपदवार चार्ट के अनुसार तिथि और समय निर्धारित किया गया है।
सरप्लस प्रक्रिया में तेजी
परिषद की ओर से जारी इन निर्देशों के बाद सरप्लस घोषित शिक्षकों की आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। ऑनलाइन सुनवाई के जरिए शिक्षकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा, जबकि बिना सुनवाई वाले मामलों का निस्तारण समिति के माध्यम से किया जाएगा।

