20 August 2026

नए SIM के लिए नियम सख्त, 9 से ज्यादा सिम रखने वालों पर शिकंजा; 30 नवंबर तक लागू होंगे नए नियम

 

नए SIM के लिए नियम सख्त, 9 से ज्यादा सिम रखने वालों पर शिकंजा; 30 नवंबर तक लागू होंगे नए नियम

नई दिल्ली। साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने नया SIM जारी करने की प्रक्रिया और सख्त करने की तैयारी की है। नए नियमों के तहत डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के माध्यम से रियल टाइम में ऐसे ग्राहकों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं।


9 से ज्यादा SIM रखने वालों की होगी जांच

मौजूदा नियमों के अनुसार एक व्यक्ति अपने नाम पर देशभर की सभी टेलीकॉम कंपनियों और सर्विस एरिया को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के लाइसेंस सर्विस एरिया में यह सीमा 6 कनेक्शन है।

अब अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों की पहचान की जाएगी। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों से ग्राहक का डेटा एकत्र कर DIP पर मिलान किया जाएगा।

30 नवंबर तक लागू होगी नई व्यवस्था

नए नियमों के तहत पहले चरण में मोबाइल कंपनियां ग्राहक द्वारा नया SIM लेने के अगले दिन तक सत्यापन कर सकेंगी। इसके बाद कनेक्शन की बुकिंग और एक्टिवेशन के समय रियल टाइम जांच की व्यवस्था लागू होगी।

सरकार की ओर से यह नई व्यवस्था 30 नवंबर तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

DIP पर एकत्र होगा ग्राहकों का डेटा

नए प्रावधानों के तहत विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों और अलग-अलग सर्विस एरिया में एक व्यक्ति के नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों का डेटा एकत्र किया जाएगा। 23 अगस्त से DIP पर ऐसे ग्राहकों की फोटो उपलब्ध कराई जाएगी, जिनके नाम पर मोबाइल कनेक्शनों की निर्धारित अधिकतम सीमा पूरी हो चुकी है।

टेलीकॉम कंपनियों को इन तस्वीरों को रोजाना डाउनलोड कर नया कनेक्शन जारी करते समय संबंधित ग्राहक का सत्यापन करना होगा। इसका उद्देश्य निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन जारी होने से रोकना है।

रियल टाइम जांच पूरी होने तक अतिरिक्त कनेक्शन पर रोक

नए नियमों में यह प्रावधान किया गया है कि रियल टाइम जांच प्रक्रिया पूरी तरह लागू होने तक तय सीमा से अधिक सक्रिय मोबाइल कनेक्शन को निलंबित किया जाएगा। ग्राहक के नाम पर तय सीमा से अधिक कनेक्शन होने की स्थिति में नए कनेक्शन का एक्टिवेशन रोक दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से फर्जी SIM, साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल कनेक्शनों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

विदेशों में भी सख्त व्यवस्था

खबर के अनुसार, कई देशों में SIM लेने के लिए नागरिकता या पहचान संबंधी दस्तावेज जरूरी होते हैं। चीन में भी SIM के लिए नागरिकता पहचान पत्र की आवश्यकता होती है, जबकि इंटरनेशनल रोमिंग में भी पहचान संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता है।

नए नियमों के तहत दूरसंचार कंपनियों की जिम्मेदारी तय होगी और ग्राहक से लिया गया डेटा अनिवार्य रूप से DIP को उपलब्ध कराना होगा। साथ ही एक व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग कंपनियों में लिए गए मोबाइल कनेक्शनों को भी समूहित किया जाएगा।