सीजेपी करेगी राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा, शिक्षा मंत्री को दी चुनौती
जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अव्यवस्था और शिक्षा विभाग द्वारा मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार मीडिया पर रोक लगाकर सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सार्वजनिक नहीं होने देना चाहती। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
वहीं, काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समूह समन्वयक आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चुनौती देते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों में सीजेपी पूरी टीम के साथ राजस्थान के सरकारी स्कूलों का दौरा करेगी।
शिक्षा मंत्री को दी खुली चुनौती
आशुतोष रांका ने इंटरनेट मीडिया पर शिक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि उनके लिए एक ऑफर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री अपने कार्यकाल के दौरान दस सबसे शानदार सरकारी स्कूलों के नाम बताएं। रांका ने कहा कि वह अपनी टीम के साथ उन स्कूलों का दौरा करेंगे और शिक्षा मंत्री के पास दिखाने के लिए दस स्कूल तो होंगे ही।
मीडिया की एंट्री पर रोक को लेकर विवाद
सरकारी स्कूलों में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाए जाने को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। रविवार को अवकाश के बावजूद शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से सरकारी स्कूलों में फोटो और वीडियो लेने तथा बिना अनुमति किसी के प्रवेश पर रोक के निर्देश दिए जाने के बाद विभाग में हलचल मच गई।
सामाजिक और छात्र संगठन इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है। वहीं, मीडिया की एंट्री पर रोक को लेकर राजनीतिक दल भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
मामले को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है।
