20 August 2026

GIS कटौती का पूरा हिसाब: बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के लिए जारी हुआ महीना-वार विवरण, जानें किस बैच से कितनी राशि कटी

 

GIS कटौती का पूरा हिसाब: बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के लिए जारी हुआ महीना-वार विवरण, जानें किस बैच से कितनी राशि कटी

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की समेकित समूह बीमा योजना (GIS) के तहत हुई कटौती को लेकर एक विस्तृत माह-वार चार्ट सामने आया है। इसमें अलग-अलग भर्ती और बैच के शिक्षकों की नियुक्ति तिथि, GIS कटौती की अवधि, कुल महीनों तथा ₹87 प्रति माह की दर से कुल कटौती की राशि का विवरण दिया गया है।

उपलब्ध चार्ट के अनुसार, 29334 बैच के शिक्षकों की नियुक्ति सितंबर 2015 में हुई और अगस्त 2022 तक GIS कटौती दर्शाई गई है। इस अवधि के 84 महीनों में ₹87 प्रति माह की दर से कुल ₹7,308 की कटौती बताई गई है।

इसी तरह 72825 बैच के शिक्षकों की नियुक्ति नवंबर 2015 में हुई। अगस्त 2022 तक 82 महीने की कटौती के हिसाब से कुल ₹7,134 दर्शाए गए हैं।

अलग-अलग बैच के अनुसार GIS कटौती

  • 29334 बैच: 84 माह — ₹7,308
  • 72825 बैच: 82 माह — ₹7,134
  • 15000 बैच: 74 माह — ₹6,438
  • 16448 बैच: 73 माह — ₹6,351
  • 68500 बैच: 48 माह — ₹4,176
  • 69000 बैच: 23 माह — ₹2,001
  • 69000 द्वितीय बैच: 21 माह — ₹1,827

शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का भी विवरण

चार्ट में शिक्षामित्र समायोजन से जुड़े शिक्षकों की GIS कटौती का भी उल्लेख किया गया है। प्रथम बैच (1 अगस्त 2014 से) के लिए जुलाई 2017 तक 36 माह की कटौती और कुल ₹3,132 राशि दर्शाई गई है।

वहीं द्वितीय बैच (1 मई 2015 से) के लिए जुलाई 2017 तक 27 माह की कटौती के आधार पर ₹2,349 की राशि बताई गई है।

इसके अलावा शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने 68500 भर्ती (सितंबर 2018 से) के लिए अगस्त 2022 तक 48 माह और ₹4,176, जबकि 69000 भर्ती (अक्टूबर 2020 से) के लिए 23 माह और ₹2,001 की GIS कटौती दर्शाई गई है।

₹87 प्रति माह की दर से तैयार किया गया है चार्ट

चार्ट में स्पष्ट किया गया है कि कुल धनराशि की गणना ₹87 प्रति माह की दर से की गई है। इसमें कटौती की अवधि के आधार पर अलग-अलग भर्ती बैचों के लिए कुल महीनों और कुल राशि को दर्शाया गया है।

नोट: यह विवरण उपलब्ध कराए गए चार्ट पर आधारित है। किसी शिक्षक की वास्तविक GIS कटौती की पुष्टि के लिए संबंधित वेतन-पर्ची, सेवा अभिलेख अथवा विभागीय रिकॉर्ड से मिलान करना उचित होगा।