जेन-जी के बीच हर दिन एक विश्वविद्यालय जाएगा मंत्री, युवाओं से सीधे संवाद की तैयारी
नई दिल्ली। युवा पीढ़ी यानी जेन-जी तक सरकार की पहुंच बढ़ाने और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार एक नई पहल की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रत्येक दिन एक केंद्रीय मंत्री को एक विश्वविद्यालय का दौरा कराने की योजना बनाई जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं से सीधे बातचीत करना, उनकी चिंताओं और समस्याओं को समझना तथा देश के विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार जानना है।
युवाओं से संवाद पर जोर
रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल दिल्ली के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी लागू की जा सकती है। सरकार का प्रयास है कि केंद्रीय मंत्री विश्वविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों के साथ संवाद करें और उनकी समस्याओं को करीब से समझें।
इस दौरान शिक्षा, रोजगार, युवा अवसरों और देश के सामने मौजूद विभिन्न मुद्दों पर विद्यार्थियों के विचार लिए जा सकते हैं। इससे सरकार को युवाओं के दृष्टिकोण को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय दौरे की जिम्मेदारी मंत्रियों को
योजना के तहत केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। मंत्री विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और उनके सवालों का जवाब भी देंगे।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि यह पहल दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के अन्य हिस्सों में NEET-पर्चा लीक जैसे मामलों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में सामने आई है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
इसी बीच लद्दाख के एक मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया, जिसमें एक महिला पर्यटक और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस दिखाई गई। महिला ने रोकने पर खुद को जेन-जी बताते हुए टिप्पणी की। हालांकि, हिन्दुस्तान ने वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
सरकार की नई पहल का मुख्य फोकस युवाओं से सीधा संवाद और उनकी चिंताओं को समझना बताया जा रहा है।

