एडेड विद्यालयों में जातिगत वर्चस्व का होगा सर्वे, प्रबंधन समितियों से मांगी गई जातिवार जानकारी
जौनपुर। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंधन समितियों में जातिगत वर्चस्व को लेकर अब शासन स्तर से सर्वे कराया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, जिले के सभी एडेड विद्यालयों और उनसे जुड़ी सोसायटियों में जातिवार प्रतिनिधित्व का सर्वे कराया जाएगा। हाईकोर्ट में धनराज सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई है।
साधारण सभा और प्रबंध समिति की मांगी गई जानकारी
शासन से मिले निर्देश के बाद जिले के सभी प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को विद्यालय की साधारण सभा, सोसायटी प्रबंध समिति और विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
निर्धारित प्रारूप में सदस्यों का नाम, पद, जाति, पता और मोबाइल नंबर मांगा गया है। विद्यालयों से प्राप्त जानकारी को एकत्र कर शासन और शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को भेजा जाएगा।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद विभाग सक्रिय
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा तथा रजिस्ट्रार (फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स) को उन संस्थाओं का सर्वे कराने के निर्देश दिए थे, जहां किसी एक जाति समूह का पूर्ण नियंत्रण या वर्चस्व होने की बात सामने आई है।
इसके बाद विभाग ने जिलों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब एडेड विद्यालयों की प्रबंधन व्यवस्था में जातिगत प्रतिनिधित्व की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि सर्वे से विद्यालयों की प्रबंधन समितियों में वास्तविक स्थिति सामने आएगी और शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए तथ्य उपलब्ध होंगे।

