20 August 2026

कर्ज के जाल में फंसाने वाले लोन ऐप्स पर RBI की सख्ती, डिजिटल लोन देने से पहले होगी ग्राहकों की जांच

 

कर्ज के जाल में फंसाने वाले लोन ऐप्स पर RBI की सख्ती, डिजिटल लोन देने से पहले होगी ग्राहकों की जांच

नई दिल्ली। डिजिटल लोन ऐप्स के बढ़ते चलन और ग्राहकों के बार-बार कर्ज लेने की समस्या को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल लोन कंपनियों और ऐप्स की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। खास तौर पर ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है, जहां ग्राहक एक छोटा लोन चुकाने के बाद तुरंत दूसरा लोन ले लेते हैं और धीरे-धीरे कर्ज के जाल में फंस जाते हैं।


लोन देने से पहले ग्राहक की क्षमता जांचना जरूरी

आने वाले समय में डिजिटल लोन कंपनियों के लिए ग्राहक की भुगतान क्षमता और कर्ज लेने की स्थिति की अधिक गहराई से जांच जरूरी हो सकती है। इसमें ग्राहक के पहले से चल रहे लोन, कुल मासिक देनदारी और अन्य वित्तीय दायित्वों को भी ध्यान में रखा जा सकता है।

RBI का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को अतिरिक्त कर्ज लेने से बचाना है, जिन पर पहले से कई छोटे-छोटे लोन चल रहे हैं।

ऐसे फंसते हैं ग्राहक कर्ज के जाल में

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने डिजिटल लोन ऐप से ₹10,000 का छोटा कर्ज लिया। कुछ समय बाद उसी कर्ज की जरूरत पूरी तरह खत्म होने से पहले वह दूसरे ऐप से ₹15,000 का नया लोन ले लेता है। इसके बाद तीसरे लोन की जरूरत पड़ती है और इस तरह लगातार कर्ज बढ़ता जाता है।

इसे ही Debt Trap यानी कर्ज का जाल कहा जाता है। RBI की सख्ती इसी तरह के मामलों को रोकने पर केंद्रित है।

ग्राहकों के डेटा पर भी रहेगी नजर

डिजिटल लोन ऐप्स के मामले में सिर्फ कर्ज देने की प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। नियमों के तहत ग्राहकों की जानकारी का अनावश्यक इस्तेमाल न हो और डेटा सुरक्षा के पर्याप्त उपाय अपनाए जाएं, इस पर भी निगरानी रखी जा सकती है।

ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत

डिजिटल लोन लेने से पहले ग्राहक को ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, कुल भुगतान, EMI और देरी होने पर लगने वाले शुल्क की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन लेने की स्थिति बनने लगे तो सावधानी जरूरी है।

RBI की सख्ती का मकसद डिजिटल लोन की सुविधा बंद करना नहीं, बल्कि इसे अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है, ताकि ग्राहक आसानी से कर्ज लेकर लंबे समय तक कर्ज के बोझ में न फंसें।