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19 September 2026

डीएम ने डीआईओएस और मत्स्य अधिकारी समेत चार अफसरों को जारी किया नोटिस, 15 अधिकारियों से भी जवाब-तलब

 

डीएम ने डीआईओएस और मत्स्य अधिकारी समेत चार अफसरों को जारी किया नोटिस, 15 अधिकारियों से भी जवाब-तलब

प्रयागराज। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर योजनाओं और विभागीय कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान खराब प्रगति मिलने पर डीआईओएस और मत्स्य अधिकारी समेत चार अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जिन विभागों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली, उनके अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क किया गया।

बैठक में अनुपस्थित मत्स्य अधिकारी को नोटिस

बैठक में मत्स्य अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया। वहीं, डीआईओएस और 102 सेवा के नोडल अधिकारी से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया। अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

तीन गांवों में घोटाले के आरोप, सचिव का डीपीआरओ ने बदला ब्लॉक

फूलपुर ब्लॉक में तैनात दो ग्राम पंचायत सचिवों के स्थानांतरण का मामला भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार एक सचिव पर क्लस्टर के तीन गांवों में सरकारी धन के बंदरबांट के आरोप लगे थे। शिकायत के बाद डीपीआरओ ने संबंधित सचिव का ब्लॉक बदल दिया।

जांच के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। रिपोर्ट में फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान किए जाने के आरोपों का भी उल्लेख है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी समेत 15 से जवाब-तलब

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान भी कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। जिलाधिकारी ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और सीएमओ समेत 15 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।

रिपोर्ट के अनुसार इनमें जिला आबकारी अधिकारी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसआरएन अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अवैध खनन पर भी सख्ती

समीक्षा बैठक में अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर गठित टास्क फोर्स के कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना पट्टे के कहीं भी खनन नहीं होना चाहिए। ओवरलोडिंग में लिप्त वाहनों पर कार्रवाई और खनन वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

इको-सेंसिटिव जोन के प्रस्ताव को मंजूरी

बैठक में कछुआ वन्य जीव विहार के इको-सेंसिटिव जोन के निर्धारण से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए उच्च स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजने की सहमति दी। समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

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