लखनऊ, । दिसंबर में शुरू होने वाली जातिगत जनगणना में अगर कोई व्यक्ति अपनी जाति नहीं बाताना चाहता है तो इसका भी विकल्प उसे मिलेगा। जनगणना के एप पर इसकी व्यवस्था है।
सरकार ने इसके लिए 40 सवालों की प्रश्नावली बनाई है, उसमें 10वें नंबर पर जाति का कॉलम रखा गया है। इसमें उपजाति का कोई विकल्प नहीं है, लिहाजा व्यक्ति जो भी अपनी जाति बताएगा वही जtनगणनाकर्मी दर्ज करेंगे। जनगणना निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार भी स्वगणना का विकल्प नागरिकों को दिया जाएगा। 16 से 30 नवंबर तक लोग अपनी गणना खुद करवा सकेंगे। इसके बाद जनगणना की जाएगी। जनगणना पांच जनवरी तक होगी, जिसके बाद नौ जनवरी तक उसका पुनरीक्षण किया जाएगा। 305 मास्टर ट्रेनरों ने 7500 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया है। जनगणना में 5.63 लाख गणना कर्मी लगाए जाएंगे।

