उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट 72 हजार अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन में से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 71 हजार से अधिक को खारिज कर दिया है। प्रत्यावेदन निस्तारण के लिए गठित छह सदस्यीय समिति ने केवल 500 से 700 ऐसे सफल अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन स्वीकार किए गए हैं, जिनके परीक्षाफल प्रमाण पत्र में नाम, पिता/पति के नाम, जन्मतिथि, वर्ग में गलती है।
आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह के अनुसार, समिति ने परीक्षण के बाद प्रत्यावेदनों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया था। पहली श्रेणी में ओएमआर शीट में अनुक्रमांक के गोले अथवा प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले अथवा दोनों को त्रुटिपूर्ण भरने संबंधी प्रत्यावेदन थे। दूसरी श्रेणी में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के तहत प्राप्त स्कोर कम होने जबकि तीसरी श्रेणी में उत्तरकुंजी के आधार पर अंक कम मिलने संबंधी प्रत्यावेदन थे। चौथी श्रेणी में प्रमाणपत्र में अपने नाम, पिता/पति के नाम, जन्मतिथि, वर्ग में गलती होने से संबंधी प्रत्यावेदन थे, जिसे स्वीकार करते हुए त्रुटि सुधार के लिए आयोग पोर्टल के माध्यम से शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन लेने और अभ्यर्थियों को संशोधित प्रमाण पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया है। चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि सभी प्रत्यावेदनों का उपलब्ध तथ्यों, परीक्षा के पूर्व जारी निर्देशों तथा निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर निर्णय लिया गया है।

