महत्वपूर्ण निर्णय: आठ लाख ही रहेगी आय सीमा, गरीब सवर्णों को आरक्षण के मानकों में फ़िलहाल बदलाव के मूड में नहीं सरकार

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों (ईडब्ल्यूएस) को दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए तय मानकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सवालों से सरकार वैसे तो भारी उलझन में है, लेकिन वह अभी इसके लिए तय मानकों में किसी भी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं है। यानी मौजूदा समय में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए आठ लाख रुपये सालाना आय सहित जो मानक तय हैं, फिलहाल वही बरकरार रहेंगे। यह बात अलग है कि सरकार भविष्य में इसके मानक तैयार करने के लिए एक स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करेगी ताकि भविष्य में इसे लेकर किसी भी तरह का सवाल खड़ा न हो सके।


फिलहाल ईडब्ल्यूएस आरक्षण के मानकों को लेकर पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने से सरकार अभी इस मामले पर कुछ भी खुलकर कहने से बच रही है, लेकिन जो संकेत दिए गए हैं उससे साफ है कि मौजूदा मानकों के आधार पर जिन्हें दाखिला दिया जा चुका है या जिनकी मेरिट तैयार हो गई है, उनमें अब बदलाव किसी भी तरह से संभव नहीं होगा। बदलाव से दाखिले की पूरी प्रक्रिया प्रभावित होगी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रलय ने पूर्व वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय की अगुआई में इस मुद्दे पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी से भी जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। कमेटी की मंत्रलय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शुक्रवार को एक बैठक रखी गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट को इस मसले पर दी जाने वाली रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। वैसे भी कमेटी से जिन ¨बदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है, उनमें ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण के लाभार्थियों का पूरा ब्योरा शामिल है। इनमें करीब 90 प्रतिशत ऐसे लाभार्थी पाए गए हैं, जिनकी सालाना आय पांच लाख रुपये से कम है। सरकार की ओर से ईडब्ल्यूएस मानकों को लेकर गठित कमेटी में दो सदस्य हैं, इनमें आइसीएसएसआर के सदस्य सचिव प्रो. वीके मल्होत्र व प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल शामिल हैं। मालूम हो कि यह विवाद ऐसे समय खड़ा हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल के पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) कोर्स में दाखिले से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से ईडब्ल्यूएस आरक्षण के निर्धारण के लिए तय मानकों पर सवाल खड़े किए और पूछा कि इन मानकों का आधार क्या है। इसके बाद सरकार ने कोर्ट से चार हफ्ते का समय मांगा था और इसे लेकर तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की थी।

’>>भविष्य में इनके मानकों के निर्धारण को लेकर और स्पष्ट होगी गाइडलाइन

’>>सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय कमेटी की शुक्रवार को होगी अहम बैठक

ईडब्ल्यूएस के लिए तय मानक

गरीब सवर्णो को 10 प्रतिशत कोटे में ये लोग होंगे इसके पात्र

’जिनकी सालाना आय आठ लाख रुपये या इससे कम हो।

’जिसके पास पांच एकड़ या इससे कम कृषि योग्य भूमि हो।

’जिसके पास एक हजार वर्ग फीट या उससे कम का फ्लैट हो।

’ऐसे व्यक्ति जिनके पास अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे कम का प्लाट हो या फिर जिनके पास किसी भी गैर-अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में कम से 200 वर्ग गज का प्लाट हो।

कमेटी से इन पहलुओं पर मांगी गई रिपोर्ट

सरकार ने कमेटी से जिन तीन अहम ¨बदुओं पर रिपोर्ट देने को कहा था उनमें पहला ईडब्ल्यूएस के तय मानकों की फिर से समीक्षा करना, ईडब्ल्यूएस की पहचान के लिए दूसरे मानकों को शामिल करना और भविष्य में इसके लिए एक स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करना शामिल है। सूत्रों की मानें तो अभी इस गाइडलाइन को व्यापक रूप देने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ के दायरे में लाने के लिए मानक तय किए गए हैं।

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