31 August 2026

अब विद्यार्थियों के पहचान पत्र भी डिजी लॉकर पर होंगे जारी शिक्षा नीति 2020 को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम

अब विद्यार्थियों के पहचान पत्र भी डिजी लॉकर पर होंगे जारी शिक्षा नीति 2020 को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लखनऊ विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों के पहचान पत्र भारत सरकार के डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म पर जारी करेगा। यह डिजिटल इंडिया मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


डिजिटल पहचान पत्र के लाभ

कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्वविद्यालय स्वयं "ईशांड अथॉरिटी" के रूप में कार्य करेगा। इस नई व्यवस्था के लिए विद्यार्थियों के पास पंजीकृत आधार आईडी होना अनिवार्य होगा।

प्रक्रिया कैसे काम करेगी

  • कुलपति ने बताया कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को 24 घंटे सुलभ, कानूनी रूप से वैध और सुरक्षित डिजिटल पहचान प्रदान करेगी।
  • विद्यार्थी अपने स्मार्टफोन में डिजी लॉकर ऐप पर पहचान पत्र हमेशा उपलब्ध रहेगा।
  • इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं, त्वरित और तकनीकी-संचालित होंगी। डिजी लॉकर पर यह पहचान पत्र कार्ड खोने, टूटने या चोरी होने का जोखिम खत्म हो जाएगा।

फायदे और सुविधाएं

इससे कई फायदे होंगे:

  • कोई कार्ड खोने का डर नहीं: छात्रों को बार-बार डुप्लिकेट कार्ड बनवाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
  • पर्यावरण अनुकूल: प्लास्टिक कार्ड की खपत कम होगी।
  • तत्काल उपलब्धता: डिजिटल पहचान पत्र कहीं भी, कभी भी उपलब्ध रहेगा।
  • सुरक्षित: इसमें एन्क्रिप्शन और सुरक्षा की सभी सुविधाएं होंगी।

डिजिटल पहचान पत्र के लाभ

सूचना प्रोद्योगिकी विभाग की ओर से एक सूचना जारी की गई है। डिजी लॉकर पर यह पहचान पत्र कानूनी रूप से मान्य होगा और इसे किसी भी सरकारी या निजी संस्थान में स्वीकार किया जाएगा। इससे शैक्षणिक रिकॉर्ड और पहचान पत्र एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर लिमिटेड शॉर्ट की खपत में भारी कमी आएगी, जिससे विश्वविद्यालय हरित पहर की ओर बढ़ेगा।

भविष्य की दिशा

यह पहल विश्वविद्यालय को डिजिटल युग में आगे बढ़ाने की एक सार्थक पहल है। अन्य विश्वविद्यालय भी इसी तरह की व्यवस्था को अपना सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह एक सुविधाजनक, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक समाधान है।

डिजिटल पहचान पत्र की शर्तें

  • डिजिटल पहचान पत्र के लिए 100 फीसदी मान्य है।
  • इसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण के जरिए डायनामिक न्यूनतर कोड से इसकी प्रामाणिकता तुरंत जांची जा सकेगी।

यह एक सराहनीय कदम है जो भारत को डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाएगा।