इसरो की ‘तीसरी आंख’ से होगी धरती की निगरानी
बेंगलुरु, एजेंसी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष में एक बड़ी उपलब्धि की तैयारी कर रहा है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से 4 सितंबर को इसरो का उपग्रह ईओएस-05 प्रक्षेपित किया जाएगा, जिसे देश की ‘तीसरी आंख’ कहा जा रहा है। यह सैटेलाइट पृथ्वी की सतह पर होने वाले बदलावों की बारीकी से निगरानी करेगा।
इस मिशन के तहत ईओएस-05 को 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा। इसकी मदद से देश की सीमावर्ती क्षेत्रों, मौसम, पर्यावरण, कृषि योजनाओं और आपदा प्रबंधन पर सटीक नजर रखी जा सकेगी। यह उपग्रह भारत की सुरक्षा और विकास से जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसरो अधिकारियों के अनुसार, यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूत करेगा। उपग्रह के जरिए उच्च-स्तरीय निगरानी, डेटा संग्रह और विश्लेषण संभव होगा, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।
यह मिशन उन वैज्ञानिकों, कृषि योजनाकारों, मौसम विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, जो देश के बदलते हालात पर पैनी नजर रखना चाहते हैं। इसरो का यह कदम स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक और अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

