लखनऊ, कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद देश की सर्वोच्च सेवा (आईएएस) बनने वालों की बीच नौकरी में इस सेवा से मोह भंग होने की संख्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ यूपी की बात करें तो पिछले कुछ सालों में वीआरएस लेने और इस्तीफा देने वालों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। कुछ आईएएस अफसरों ने तो इसलिए इस्तीफा दे दिया कि उन्हें मनमुताबिक काम नहीं मिला। वर्ष 2023 के रिंकू सिंह राही ने राजस्व परिषद में रहते हुए इसलिए इस्तीफ दे दिया कि उन्हें मनमुताबिक काम नहीं मिला।
इसके कुछ समय बाद उन्होंने इस्तीफा वापस लिया तो उन्हें जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनाती दी गई। हालांकि, वे वहां भी काम को लेकर चर्चाओं में हैं। पीसीएस से आईएएस बनने वाले राकेश वर्मा ने पीसीएस सेवा में वापस होकर वीआरएस ले लिया था।
दिव्या मित्तल के पति ने भी दिया था त्यागपत्र
लखनऊ। आईएएस अफसर दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह ढिल्लों ने भी चार साल पहले साल 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। गगनदीप सिंह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) अधिकारी थे। इस्तीफा देते समय वे केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में संयुक्त महानिदेशक के पद पर थे। उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।

