15 September 2026

KGMU का बड़ा फैसला: गरीब मरीजों को अब सिर्फ मेड इन इंडिया इंप्लांट, विदेशी इंप्लांट के लिए लिखित मंजूरी जरूरी

 

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ 


आयुष्मान व सरकारी योजना के लाभार्थी गरीबों को मिलेगा सिर्फ देशी इंप्लांट इश्यू....

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* मानक नियम: केवल किफायती, भारतीय निर्मित (मेड इन इंडिया) प्रत्यारोपण ही गरीब, जरूरतमंद और पीएमजेएवाई रोगियों को प्रदान किए जाएंगे।

* सख्त अपवाद: यदि किसी विशेष परिस्थिति में चिकित्सकीय रूप से आयातित या उच्च लागत वाले विदेशी प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, तो उपचार करने वाले संकाय सदस्य या सर्जन को  सीएमएस, एमएस या डीएमएस सेअलग से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।

* अनुपालन न करने पर दंड:इस औपचारिक अनुमोदन के बिना किसी भी आयातित प्रत्यारोपण को जारी करना वित्तीय अनियमितता माना जाएगा ।