BLO ड्यूटी कराने के विरोध में शिक्षक संगठनों ने दिया ज्ञापन


शामली, बीएलओ की ड्यूटी का विरोध करते हुए शिक्षक संगठनों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बीएलओ के कार्य से शिक्षकों की ड्यूटी हटाने की मांग की। साथ ही कोर्ट के आदेश का हवाला भी दिय। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षकों ने बीएलओ की ड्यूटी नहीं की तो एसडीएम ने उनका वेतन रुकवा दिया। उन्होंने सभी शिक्षकों का पूरा वेतन दिलाने की मांग की।


शुक्रवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नितिन पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन व उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, शामली की ओर से डीएम को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि शिक्षकों की निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 27 में प्रतिबंधित गैर शैक्षणिक कार्य बीएलओ के रूप में शतप्रतिशत ड्यूटी लगाने से उनका शिक्षण कार्य बाधित होगा। इसके दृष्टिगत सभी परिषदीय शिक्षकों को तत्काल बीएलओ ड्यूटी से कार्यमुक्त करने व उक्त ड्यूटी के चलते जनपद के कई शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध करने संबंधी आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की गई। शिक्षकों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व शामली के शिक्षकों ने इस मामले को कोर्ट में भी अपना पक्ष रखा था। उच्च न्यायालय इलाहाबाद भी विभिन्न जनहित याचिकाओं में परिषदीय शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखे जाने संबंधी निर्णय दे चुका है। इस दौरान नितिन कुमार, पीयूष कुच्छल, पवन जावला, धीरेंद्र ब्रह्मचारी, आदेश पंवार, गौरव तोमर, सुनील कुमार, सिकेंद्र निर्वाल, मनीष जावला, रश्मि चौधरी, सारिका गर्ग आदि शिक्षक मौजूद रहे।

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