सभी बेसिक के शिक्षकों के लिये इन महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी आवश्यक, पढ़ें यह नियम और अपने आप को रखें मजबूत


झांसी। आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ रहबर' सुल्तान द्वारा शिक्षक व समाज हित मे अनेक कार्य किये जा रहे हैं। इसी क्रम में उनके द्वारा शिक्षकों की हितकारी विभिन्न सूचनाओं की क्रमबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई गई जाती रही है। उनके मुताबिक प्रत्येक शिक्षक को नियमों की सही जानकारी होना आवश्यक है जिससे वह अपने अधिकारों को जानें। इसी क्रम में कुछ ऐसी जानकारियां पुनः साझा की जा रही हैं जो अतिमहत्वपूर्ण हैं।

अवकाश संबंधित

1. एक कैलेंडर वर्ष में 14 आकस्मिक अवकाश देय हैं। एक बार मे कार्मिक अधिकतम 10 आकस्मिक अवकाश ले सकता है। किस माह में कितने अवकाश देय हैं ऐसा शासनादेश में कोई जिक्र नहीं है। अवकाश के बीच में पड़ने वाली छुटियां या रविवार आकस्मिक अवकाश में नहीं जुड़ते हैं।

2. किसी भी महिला कर्मचारी को सेवाकाल में दो वर्ष का बाल्य देखभाल अवकाश देय है। यह वर्ष में तीन बार लिया जा सकता है। एक बार में कम से कम 15 दिन की सीसीएल देय है।

3. प्रत्येक परिषदीय शिक्षक को वर्ष में एक उपार्जित अवकाश देय है। साथ ही यदि ग्रीष्मकालीन अवकाश के समय किसी कार्य हेतु अध्यापकों को बुलाया जाता है तब
नियमानुसार उपार्जित अवकाश मिलते हैं।

4. परिषदीय शिक्षकों को अवैतनिक रूप से अध्ययन अवकाश देय है।

5. छुट्टी के दिन या अवकाश के दिन यदि कार्मिक को कार्य हेतु बुलाया जाता है तब प्रतिकर अवकाश देय है। यह एक माह के अंदर लेना होता है। एक बार मे दो से अधिक प्रतिकर अवकाश नहीं मिलते हैं। इन्हें वही अधिकारी स्वीकृति देता है जो आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करता है। प्रतिकर अवकाश केवल अराजपत्रित कार्मिकों को देय है।

आयकर, बैंक सम्बंधित

1. कार्मिक की अनुमति के बिना अग्रिम आवकर काटा जा सकता है।
2. पांच वर्षीय फिक्स्ड डिपॉजिट पर 80 सी के तहत आयकर में छूट देय है। 3. बचत खाते को सैलरी खाते में परिवर्तित किया जा सकता है।

शैक्षिक गुणवत्ता, शैक्षणिक सपोर्ट संबंधित

4. पी.पी.एफ. की सम्पूर्ण धनराशि की निकासी 15 वर्ष में लेकिन आशिक आहरण के लिये खाते के छः वित्तीय वर्ष पूर्ण होने पर चैथे वित्तीय वर्ष के शेष का 50 प्रतिशत की पात्रता है। गंभीर बीमारी एवं उच्च शिक्षा हेतु भी धनराशि आहरित की जा सकती है।

5. सामूहिक बीमा कटौती का लाभ 1 अप्रैल 2014 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को नहीं मिलेगा।

मध्यान्ह भोजन योजना संबंधित

1. मध्यान्ह भोजन योजना में केंद्र व राज्य का क्रमशः 60 व 40 प्रतिशत अंशदान। 2. रसोइयों के कर्तव्य विद्यालय की दीवार पर अंकित होना चाहिए।

3. बच्चों के बर्तन धोने के सम्बंध में कोई गाइडलाइंस नहीं। 4. रसोइयों व स्टाफ को मध्यान्ह भोजन संबंधित प्रशिक्षण आवश्यक।

5. एम. डी. एम. संबंधी योजना में नियमानुसार विद्यालय प्रबंध समिति को भी शामिल किया जा सकता।

6. विद्यालय में मध्यान्ह भोजन न बनने की स्थिति में प्रधानाध्यापक से लेकर बी एस ए तक के दायित्व निर्धारित किये गए हैं।


शैक्षिक गुणवत्ता, शैक्षणिक सपोर्ट संबंधित

1. विकासखण्ड के ए. आर. पी. शैक्षणिक सपोर्ट एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु कार्य करेंगे। 2. एआरपी को निरीक्षण का अधिकार नहीं है।

3. न्याय पंचायत स्तर पर कार्य कर रहे शिक्षक संकुल माहवार बैठकों का आयोजना कर शैक्षिक गुणवत्ता हेतु कार्य करेंगे।

4. शिक्षक संकुल अपने विद्यालय में रहकर ही कार्य करेंगे।

नवीन प्रवेश एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम संबंधित

1. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों हेतु कक्षा 1 से 8 तक के प्रवेश हेतु टी.सी. की अनिवार्यता नहीं है।

2. नगर निगम, नगर पालिका, ग्रामसभा, अस्पताल, मिडवाइफ या अविभावकों द्वारा प्रदत्त प्रमाण के आधार पर आयु का निर्धारण किया जायेगा।

3. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक विद्यालय में 30 बच्चों पर एक शिक्षक एव उच्च प्राथमिक में 35 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम तीन शिक्षक अवश्य होना चाहिए।


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