केन्द्रों पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाने में परिषदीय स्कूलों की परीक्षा ताक पर


एक केन्द्र पर पांच दिन ही ड्यूटी करेंगे शिक्षक

लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में पर्यवेक्षक के रूप में लगने वाली शिक्षकों की ड्यूटी में बड़ा बदलाव किया गया है। अभी तक एक शिक्षक की ड्यूटी एक ही परीक्षा केन्द्र पर तब तक लगती थी जब तक परीक्षाएं खत्म नहीं हो जाती थीं। इस वर्ष से माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसमें बदलाव करते हुए एक परीक्षा केन्द्र पर एक शिक्षक की ड्यूटी पांच दिन के लिए लगायी गई है। पांच दिन के बाद शिक्षक की ड्यूटी दूसरे परीक्षा केन्द्र पर लग जाएगी। परीक्षा केन्द्र बदलने की सूचना शिक्षक को पहले केन्द्र पर तीन दिन ड्यूटी करने के बाद मिलेगी। शिक्षकों में परीक्षा केन्द्र बार-बार बदलने से नाराजगी है।

ड्यूटी लगाने का विरोध

परिषदीय शिक्षकों की अनियमित तरीके से ड्यूटी लगाने का शिक्षकों ने विरोध किया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने मण्लीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ पीएन सिंह व बीएसए, डीआईओएस को ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया। संघ जिला संयोजक डा प्रभाकान्त मिश्रा ने कहा कि कई स्कूल हैं जहां सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि अधिकारियों ने बिना परिषदीय स्कूलों की परीक्षाओं का ध्यान रखे शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी।

लखनऊ, । यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगने से प्राइमरी स्कूलों की परीक्षाओं पर संकट है। कई जिलों में 80 फीसदी से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है जिससे प्राइमरी स्कूल या तो एकल शिक्षक या फिर शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के भरोसे हैं। वह भी तब जब 22 मार्च से प्राइमरी स्कूलों में परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं और 30-31 मार्च तक रिजल्ट बनना है।

परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को 13 अप्रैल तक कार्यमुक्त किया गया है। ऐसे में स्कूलों में परीक्षा करवाना, कॉपियां जांचने, रिजल्ट तैयार करने का काम शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के जिम्मे है।

लखनऊ के बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पत्र लिख कर मार्गदर्शन मांगा है कि बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी लगने से कई स्कूल या तो एकल शिक्षक वाले हो गए हैं या फिर एक भी शिक्षक नहीं बचा है। ऐसे में प्राइमरी स्कूलों की परीक्षाओं पर संकट है। वहीं उनके मूल स्कूल से 40-45 किमी दूर ड्यूटी लगाई गई है जबकि कई शिक्षक दिव्यांग भी हैं।

अलीगढ़ के बीएसए ने आदेश दिया है कि ऐसे शिक्षक को ड्यूटी के लिए कार्यमुक्त न किया जाए जिससे स्कूल बंद होने की नौबत आ जाए। प्रतापगढ़ के बीएसए भूपेन्द्र सिंह और अम्बेडकर नगर के बीएसए भोलेन्द्र प्रताप सिंह ने भी आदेश जारी किया कि प्रधानाध्यापक और एक वरिष्ठ शिक्षक को कार्यमुक्त न किया जाए।